गोंडवाना आदिवासी महासम्मेलन के लिए 1 किलो चावल और 10 रू के आर्थिक सहयोग की अपील...
ग्राम जजावल, तहसील एवं ब्लाक प्रतापपुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले बता रहे हैं कि उनके यहां ग्राम नरोला में दिनांक 10/12/2016 को आदिवासी गोंडवाना महासम्मेलन रखा गया है जिसमे सामाजिक सांस्कृतिक और राजनैतिक कार्यक्रम चलेगा जहाँ पर गोंडवाना गणतन्त्र पार्टी के महासचिव श्यामसिंह मरकाम आ रहे है तथा कलाकार प्रेमशाय मरावी मंडला जिला मध्यप्रदेश से आ रहे हैं जो रात्रिकालीन कार्यक्रम देंगे । सभी साथियों से अपील है कि वे १ किलो चावल और १० रू का सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाएं । अधिक से अधिक से युवा-युवती साथियों को उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने की भी अपील वे कर रहे हैं । सुखसागर सिंह पावले@9669383380
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
क्या मेरी पहचान है...कविता
ग्राम जजावल जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अकेला कौन हूँ क्या मेरी पहचान है-
ये समाज ही तोह मेरा मान सम्मान है-
मेरे रगों में इसका ही खून बहता है-
यह तो मेरी असली पहचान है-
में आज दुनिया में जीवित हूँ – सब गर्व करते है ये मेरा समाज ही तो संस्कार ज्ञान है-
मैं उसका अंश हूँ ये मेरी पहचान है...
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
"संविधान की धारा 244(1) को विलोपित कर कंपनियाँ और सरकार आदिवासी जमीने हड़प रही है"...
ग्राम बेहड़वा, जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश से भुवन सिंह चौन्गड़ आदिवासी एकता परिषद के नेता शंकर भाई तडावा से संविधान में आदिवासीयो को दिए गए विशेष अधिकारों के क्षरण के बारे में बातचीत कर रहे हैं । वे बता रहे हैं कि आदिवासियों के लिए संविधान में कई विशेष अधिकार दिए गए है जैसे आदिवासियों की शिक्षा हेतु धारा 46 का सृजन किया गाया है और उनके प्राण के रक्षा के लिए 21 धारा बनायी गयी है और आदिवासियों के स्वप्रशासन के लिए धारा 244(1) का सृजन किया गया है लेकिन अभी धारा 244 (1) है उसको विलोपित कर सरकारे और कंपनिया आदिवासीयो की जमीन को अपना बना रही है जिनके खिलाफ लड़ने की ज़रुरत है भुवनसिंह चौन्गड़@9424063107
Posted on: Dec 03, 2016. Tags: BHUWAN SINGH CHOUNGAD SONG VICTIMS REGISTER
मत रो मेरी माँ...मत रो मेरी बहना...कविता
ग्राम जजावल जिला-सूरजपुर छतीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले एक कविता सुना रहे है:
मत रो मेरी माँ मत रो मेरी बहना-
तेरे सूखे चेहरे को देखकर-
मुझे उजार धरती माँ कि याद आती है-
तेरे आंसू भरे नयन देखकर-
तेरी फटी साड़ी का टुकड़ा देखकर-
दुःख से रोने वाला याद आता है-
तेरा दुःख दर्द से ग्रस्त चेहरा देखकर-
तेरी हड्डी पसली से कंकाल बना तन देखकर-
दुःख कष्ट से भूखे गोंडवाना के कुपोषित बच्चो की याद आती है मुझे-
मत रो मेरी माँ मत रो मेरी माँ...
Posted on: Dec 01, 2016. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
तीन ही रंग के तिरंगवा झंडा उड़े आसमान...देशभक्ति गीत
ग्राम-चंदौरा थाना-चंगेली,जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से तारा सिंह देशभक्ति गीत सुना रहे है:
तीन ही रंग के तिरंगवा-
झंडा उड़े आसमान-
बीच ही बाटे एगो चक्कर के निशान-
उहे भारत के निशान-
गाँधी बाबा दिहले अजदिया-
भैया बहिन दिहले जान-
भगत सिंह के हो गईल साथिया-
बहिनी भइले कुरबान-
तब जाके देशवा आजाद भईले
लोगवा गायें राष्ट्रगान कान-
कांधे पर टाँग के बंदुकिया-
दुश्मन चली पाकिस्तान...
