क्या मेरी पहचान है...कविता
ग्राम जजावल जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अकेला कौन हूँ क्या मेरी पहचान है-
ये समाज ही तोह मेरा मान सम्मान है-
मेरे रगों में इसका ही खून बहता है-
यह तो मेरी असली पहचान है-
में आज दुनिया में जीवित हूँ – सब गर्व करते है ये मेरा समाज ही तो संस्कार ज्ञान है-
मैं उसका अंश हूँ ये मेरी पहचान है...
