कबड्डी-कबड्डी इन्दाकट कबड्डी गरसकाट...गोंडी खेल गीत
ग्राम-चाहचड़, विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश एक गोंडी खेल गीत सुना रहे हैं :
कबड्डी-कबड्डी इन्दाकट कबड्डी गरसकाट-
देशे ता सेवा कीया मुने वायकट-
खो-खो इन्दाकट खो गरसकाट-
दुनिया ते पोरोय तुन कमय कीयाकट-
लेपराइट इन्दाकट ड्रेस कर्रीकट-
स्काउट गाइड ते पोरोय तकिकाट-
स्टम्प बोल्ड कीयाकट क्रिकेट गरसकाट-
देशे विदेश ते दौरा कीयाकट...
Posted on: Apr 13, 2018. Tags: RAMESH DUGGA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
जाति हमर गोंड, जनसंख्या कई करोड़, मन्द तेला छोड़, मगर गोंडी धर्म ला झन छोड़...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-चाह्चढ़, विकासखण्ड-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर, उत्तर बस्तर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
जाति हमर गोंड, जनसंख्या कई करोड़-
मन्द तेला छोड़, मगर गोंडी धर्म ला झन छोड़-
हमर बुढा देवता है, जात है जिन्हें न्योता है-
गाँव में शितला माँता है, मुखिया गाँव गायता है-
गोंडी हमर बोली है, आधी अंत की जोड़ी है-
मंदर में शखरी है, जेकर साथ कड़ी है,भीतर में डोकरा खाड़ी है-
मन में ठान लेवन हम, गोंडी हमर धर्म, और चलन बुढा देव के चरण...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
मेरा भारत देश महान, संस्कृति और संस्कार का, मिलता यहां पे ज्ञान...कविता
ग्राम-चाह्चढ, विकासखंड-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर, कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा एक कविता सुना रहे हैं :
मेरा भारत देश महान, मेरा भारत देश महान-
संस्कृति और संस्कार का, मिलता यहां पे ज्ञान-
गंगा यमुना सरस्वती यहां बहते निर्मल धार-
गाँव शहर महानगर बसे हैं महिमा अपरंपार-
विश्व पटल पर इसका होता है गुणगान, मेरा भारत देश महान-
संत महात्मा ऋषि मुनि सब करते यहां पे ध्यान, मेरा भारत देश महान...
Posted on: Apr 07, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
बस्तर भूमतोड़ लयोड़ वातोड़...गोंडी कविता -
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
बस्तर भूमतोड़ लयोड़ वातोड़-
भारी समरे मातोंड-
नन्ते जिलांग तल्लादे जलिंग-
एलोड़ लगा कितोड़-
तलादा पागा नन्ता पोग-
भारी शोभे माता-
ताने उडसी मंजर लया-
पेरके-पेरके वाता...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
डोडो सांगो सरंदाही डोडो सांगो सरंदाही...गोंडी में हल्दी गीत
ग्राम-पालकी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सुरोन नाग के साथ में सुनीता दुग्गा, रुकवती दुग्गा, लीला दुग्गा, सुकली उसेंडी हल्दी तेल से सम्बंधित एक गीत सुना रही है, इस गीत को तेल चढ़ाते समय गाया जाता है :
डोडो सांगो सरंदाही – डोडो सांगो सरंदाही-
नांदो पर्वेला दाई नांदो-है
पर्वेला वया रो-
नियामो जामो दानदाये...

