अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो...कविता
कैलाश सिह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो-
पढना लिखना सीख गये, अब पूरी दुनिया जानो-
अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो-
पढना लिखना सीख गये, अब पूरी दुनिया जाने
यह कैसे हो सकता है, यह मिलकर सोचे-
सुख सुविधा गाँव-गाँव तक कैसे पहुंचे...
Posted on: Feb 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA
पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे-
जानकारियां गाँव-गाँव तक कैसे पहुंचे-
पुस्तक में सब सार लिखे है-
हम सब के अधिकार लिखे है-
इसमें सब कानून लिखे है-
इसमें सब मजबून लिखे है-
वन से जल और जल से प्राण-
समझे कुदरत का विज्ञान...
Posted on: Feb 06, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
बहू को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाए, खुद को डिलीवरी कराना पड़ा, कोई डाक्टर, नर्स नहीं आए...
हम अपनी बहू को अस्पताल लेकर आए पर हमें खुद ही डिलीवरी कराना पड़ा कोई डाक्टर और नर्स नहीं आया बता रहे हैं ग्राम-सोलिया, तहसील-सोंडवा, जिला-अलीराजपुर (मध्यप्रदेश) से इतल सिंह बघेल है जो भुवन सिंह चौंगड को बता रहे है कि उनकी बहू को डिलेवरी के लिए परसों शाम 5 बजे भर्ती करवाए थे उस समय एक सिस्टर थी और वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं था उन्होंने भर्ती करने के बाद कुछ समय रुकने को कहा फिर हमारे साथ आई बहनों ने ही डिलीवरी करवाई कोई डाक्टर और नर्स भी नहीं आए. नाल काटने के लिए रेज़र भी नहीं मिल रहा था कही से ढूंढना पड़ा यदि ऐसा चलता रहा तो ग्रामीण अस्पताल क्यों आएँगे? कृपया अधिकारी से बात करें@9179223209. भुवन सिंह@9644176524
Posted on: Feb 05, 2017. Tags: BHUVAN SINGH CHOUNGAD SONG VICTIMS REGISTER
रेल चली भाई रेल चली सौ-सौ डिब्बे जोड़ चली...रेल पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया के साथ में बाबूलाल नेटी है जो एक कविता सुना रहे है:
रेल चली भाई रेल चली सौ-सौ डिब्बे जोड़ चली-
एक डिब्बे खाली थी,उसमें बैठी नियम जी-
नियम जी की काली टोपी,काले हैं कल्याण जी-
भोले है भगवान जी,सीता जी की गोद में-
कूद पड़े हनुमान जी ,लाल टमाटर खाऊंगा-
लाल-लाल हो जाऊंगा-
मामा जी बंदूक दिला दे,पाकिस्तान जाऊंगा-
पांच पकड के मरूँगा,6 पकड़ के लाऊंगा-
भारत माता के चरणों में अपना शीश झुकाउंगा...
Posted on: Feb 05, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर...शिक्षा पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर-
ध्यान लगाकर सुने सब भाई घर में रखे सफाई-
बुनियाद है चट्टान है मीनार है औरत-
हर मूलक की बीज का आधार है औरत-
औरत ही रचित संसार उसे मिले पूरे अधिकार...
