चाइना से उड़कर चैना...कविता-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं:
चाइना से उड़कर चैना-
खो बैठे सुख और चैना-
कभी लुटा मेहंदी के नाम पर-
कही लुटा मोबाईल के नाम पर-
प्लास्टिक के चावल बेचे-
प्लास्टिक के अंडे...
Posted on: Mar 30, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHAV
कही आना न जाना घर घुसे रहना...गीत-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रामनारायण पांडे कोरोना पर एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
कही आना न जाना घर घुसे रहना-
फैली वायरस बंद है जमाना-
साफ सफाई शुद्धता से जुड़े रहना-
कही आना न जाना घर घुसे रहना-
जब जब मोदीया आवाज लगई हैं-
कहना उन्ही के माना-
कही आना न जाना घर घुसे रहना...
Posted on: Mar 30, 2020. Tags: ANUPPUR CORONA MP RAMNARAYAN PANDE SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मुह के दुर्गंध को दूर करने वाली मंजन बनाने का घरेलू तरीका...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी मुह का दुर्गंध दूर करने का मंजन बनाने की घरेलू विधि बता रहे हैं, अकरकरा 50 ग्राम, मंजू फल 50 ग्राम, नागर मोथा 50 ग्राम, भुनी फिटकरी 50 ग्राम, काली मिर्च 20 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम लें, सभी को पीसकर चूर्ण बना लें, भोजन के बाद इस मंजन का उपयोग करें, सुबह शाम उपयोग करना है, इससे मुह के दुरगंध आने की समस्या में लाभ मिल सकता है, साथ ही दात से संबंधित समस्या में आराम मिल सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Mar 29, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
तू तो है कोरोना सबका हत्यारा...कविता-
राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
तुझसे त्रस है विश्व सारा-
तू तो है कोरोना सबका हत्यारा-
बंद कराये विद्यालय बंद कराये दुकाने-
और क्या क्या गुल खिलायेगा न जाने-
हम सब आपस में मिलकर-
तुझे चित्त करेंगे सारे खाने-
संकल्प लिया है सर्व हारा-
तुझसे पायेंगे छुटकारा...
Posted on: Mar 29, 2020. Tags: CG POEM RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
लारी-लारी चुनरी ओढ़े...देवी गीत-
ग्राम-खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक देवी गीत सुना रही हैं:
कोरी-कोरी नरियर चढ़े ये दाई ओ-
लारी-लारी चुनरी ओढ़े-
केरा गाँव में अपला छाँव मा-
माई बिराजे हे द्वारे खोले-
चैत माहीना चुर मा चिरौंजी-
बैशाख बर की बुंदिया बालू साही-
जेठ जलेबी जुआरी लाडू-
कोरी-कोरी नरियर चढ़े ये दाई ओ...
