चाइना से उड़कर चैना...कविता-

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं:
चाइना से उड़कर चैना-
खो बैठे सुख और चैना-
कभी लुटा मेहंदी के नाम पर-
कही लुटा मोबाईल के नाम पर-
प्लास्टिक के चावल बेचे-
प्लास्टिक के अंडे...

Posted on: Mar 30, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHAV