चूडियो के ख़नक ने घायल किया...कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
चूडियो के खनक ने घायल किया-
अपनों के चीख पुकार को अनसुना किया-
वक्त के बेहरम हाथो ने मजबूर किया-
अपनों को अपने से बहुत दूर दिया-
पायल की झंकार और जुल्फों की पुकार-
कर दिया हमारा दूर से शिकार-
लूट लिया हमसे अपनों का प्यार-
देखा उसकी आँखों में झलकता प्यार...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो...सुहा गीत -

ग्राम-तेलम्मा, पंचायत-भेजा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की दो दीदियाँ मोतिन बाई और कमला बाई एक सुहा गीत सुना रही है:
तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो-
तरिव नारी नाहा नरे सुहा हो-
एक शहर में एक रानी राजा नरे सुहा हो-
वही राजा के एक जन बेटा नरे सुहा हो-
तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VICTIMS REGISTER

कीचड़ में फंसे शेर की कहानी...

भगतपारा, ग्राम पंचायत-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी आज आप सभी को एक कहानी सुना रहे हैं : बहुत समय पूर्व की बात है जंगल में एक शेर रहता था जो जंगली जानवरों को खाता था और सभी उससे डरते थे. एक बार सावन के महीने में शेर कीचड़ में जाकर फंस गया तब उसके पास कई जानवर आये हिरन आदि आये उसे छू कर गए लेकिन शेर फंसे होने के कारण उनका शिकार नही कर सका तभी एक चरवाहा वही से गुजर रहा था उसी समय शेर ने उनसे मदद मांगी उस पर चरवाहे ने कहा तुम मेरे गायों को परेशान करते हो यदि तुम मेरे गायों को नुकसान नही पहुचावोगे तो मै तुम्हे निकाल दूंगा उसके बाद शेर ने किसी को कोई नुकसान नही पहुँचाया |

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

धन्य है वे जो मन हीन दीन है...ईशा मसीह का उपदेश-

सुनील कुमार ईशा मसीह की वाणी सुना रहे है:
धन्य है वे जो मन हीन दीन है-
क्योंकि स्वर्ग पे राज उन्ही का है-
धन्य है वे जो लोग शोक करते है-
क्योंकि वे शांति पायेंगे-
धन्य है वे जो नम्र है-
क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे-
धन्य है वे जो धर्म के भूखे और प्यासे होंगे है-
क्योंकि वे तृप्त किये जायेंगे-
धन्य है वे जो दयावान है दया की जाएगी...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

सीटी की तर्ज में सरगुजिहा गीत...होली है -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया आज सीटी की तर्ज में एक सरगुजिहा फागुन गीत सुना रहे है: होली है...कैलाश पाया गाय चराते हैं होली आने में तो अभी देर है पर गाय चराते चराते जब भी उनको खाली समय मिलता है वे सीजीनेट के श्रोताओं के साथ अपने गीत, अपनी बांसुरी की धुन और आज सीटी से फागुन गीत सुना रहे हैं. वे पढ़े लिखे नहीं हैं, बचपन में उनको स्कूल जाने का मौक़ा नहीं मिला पर वे कहते हैं कि उनको भगवान का दिया कम्प्युटर बहुत तेज है. वे अपने ही दिमाग में कविता और गीत की रचना करते हैं धुन कहीं से सुनते हैं या खुद भी बनाते हैं और अपने मोबाइल फोन से गाय चराते चराते इन गीत, कविता और कभी बांसुरी और सीटी की धुनों को हम सभी को सुनाते हैं. वे बहुत सी समस्याएँ भी हल कर लेते हैं...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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