संतरंगी झंडा गढ़ लात मा,पढ़ेले संगी जय सेवा पाठ ला...गोंडवाना गीत-
बाबूलाल सिंह नेटी ग्राम- ताराडांड, जमुड़ी ब्लॉक-जैतहरी जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश से एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं :
संतरंगी झंडा गढ़ लात मा,पढ़ेले संगी जय सेवा पाठ ला – आज संगा रे रे सात सौ पच्चास ला माना बो, आरे आज कोया-
रे सात सौ पच्चास ला मना बो-
बड़ा देव शक्ति माना बो, बड़ा देव शक्ति मनाबो...
Posted on: Feb 09, 2017. Tags: BABULAL SINGH NETI
मानव के दो अवगुण: दूसरों से ईर्ष्या और अपने आप को सर्वश्रेष्ठ मानकर अपने ही घमंड मे रहना...
ग्राम-बादरपुरा, तहसील-सतवास, जिला- देवास (मध्यप्रदेश) से तारा सिह आदिवासी समाज के बारेला समुदाय में जागरूकता व सुधार अभियान चला रहे है वे आज हमें मानव के गुण-अवगुण के बारे में बता रहे है. वे कहते हैं मानव के 2 अवगुण होते हैं, पहला तो जलने वाला मतलब, घृणा करने वाला, दूसरा है, फूलने वाला मनुष्य मतलब घमंड करने वाला। जलने वाला मनुष्य स्वयं की उन्नति करने के बजाय दूसरे की उन्नति से जलता है, घृणा करता है, वह स्वयं क्रोध में अपनी बुद्धि को नष्ट कर देता है| फूलने वाला मानव अपने आप को सर्वश्रेष्ठ मनाकर अपने ही घमंड मे रहता है और एक दिन ऐसा गिरता है कि किसी को मुह दिखाने लायक भी नही रहता है जैसे गुब्बारे में अगर आप ज्यादा हवा भर देंगे तो वह फट जायेगा | तारा सिंह@9165154105
Posted on: Feb 09, 2017. Tags: Tara Singh Awaya
चलो-चलो-चलो रे कनेरीगढ़ धाम जहाँ पर मेला लगों...मेला राई गीत
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल सिंह नेटी एक मेला राई गीत सुना रहे हैं:
चलो-चलो चलो रे कनेरीगढ़ धाम जहाँ पर मेला लगों-
चलो-चलो चलो रे कनेरीगढ़ धाम मेला लगों मेला लगों-
चलो-चलो चलो रे कनेरीगढ़ धाम जहाँ पर मेला लगों...
Posted on: Feb 09, 2017. Tags: BABULAL SINGH NETI SONG VICTIMS REGISTER
आओं रे आओ रे यो मेरे देवता गोंडवाना के देव, जागो रे जागो ओ मेरे देवता खबर हमारी लेव...गोंड धर्म गीत
कैलाश सिंह पोया एक गोंडवाना धर्म गीत सुना रहे हैं:
आओं रे आओ रे यो मेरे देवता गोंडवाना के देव-
जागो रे जागो ओ मेरे देवता खबर हमारी लेव-
साल साज के बड़े देवता सुमरो, दुनिया बनावन हार-
देव धर्म के देवगांन गुरु सुमरो, कोया धर्म चलाय-
सिंगार दीप के सम्भु खे सुमरो, कोया वंश चलाय-
कली कंकाली दाई खे सुमरो, संकंट हो जा सहाय-
खेर खुट की खैर को सुमरो, खेरो की रखवाल-
खिला मुठुहा देव के सुमरो, अन्न धन देवन हार-
माला दाई हम तोहे सुमरो, गढ़ पुरवा की माय-
भेरो बाबा हम तोहे सुमरो, शक्ति देवन हार-
मेहरगढ़ की हिंगलाज खे सुमरो, ज्ञान की ज्योति जलाय...
Posted on: Feb 08, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA
चलो,चलो संगी धाम कचारगढ, चलो,चलो साथी कचारगढ...गोंडवाना धार्मिक गीत
कैलाश पोया, ग्राम- देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गोंडवाना धार्मिक कचारग़ढ यात्रा गीत गा रहे हैं यह मेला महाराष्ट्र में हर साल फरवरी माह में लगता है जिसमे हज़ारों गोंड आदिवासी इकट्ठा होते हैं :
चलो,चलो संगी धाम कचारगढ, चलो,चलो साथी कचारगढ-
मेला लागत है, गोंडवाना के नाम, मेला लागत है, गोंडवाना के नाम-
संगी नशा मुक्त रहकर समाज के लिए अभियान चलाना-
सत्य बोलना, सत्य पर चलना, बिना लोभ के कार्य करना-
माता पिता की सेवा करना, सत्य संस्कृति धर्म के अनुसार चलना...
