मानव के दो अवगुण: दूसरों से ईर्ष्या और अपने आप को सर्वश्रेष्ठ मानकर अपने ही घमंड मे रहना...
ग्राम-बादरपुरा, तहसील-सतवास, जिला- देवास (मध्यप्रदेश) से तारा सिह आदिवासी समाज के बारेला समुदाय में जागरूकता व सुधार अभियान चला रहे है वे आज हमें मानव के गुण-अवगुण के बारे में बता रहे है. वे कहते हैं मानव के 2 अवगुण होते हैं, पहला तो जलने वाला मतलब, घृणा करने वाला, दूसरा है, फूलने वाला मनुष्य मतलब घमंड करने वाला। जलने वाला मनुष्य स्वयं की उन्नति करने के बजाय दूसरे की उन्नति से जलता है, घृणा करता है, वह स्वयं क्रोध में अपनी बुद्धि को नष्ट कर देता है| फूलने वाला मानव अपने आप को सर्वश्रेष्ठ मनाकर अपने ही घमंड मे रहता है और एक दिन ऐसा गिरता है कि किसी को मुह दिखाने लायक भी नही रहता है जैसे गुब्बारे में अगर आप ज्यादा हवा भर देंगे तो वह फट जायेगा | तारा सिंह@9165154105
