हे मेरे वतन के लोगो जरा आँखों में भर लो पानी...देशभक्ति गीत -
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता झंडा दिवस के उपलक्ष में एक देशभक्ति गीत सुना रहे है :
हे मेरे वतन के लोगो जरा आँख में भर लो पानी – जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी – जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आजादी – दस-दस को एक ने मारा वो वीर थे भारतवासी – ये धन्य तेरी ये बढाई और धन्य तेरी ये कुर्बानी – जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
एक दिन अहसन आएगा भाई, ये दुनिया छुट जायेगा...रचना -
ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता भ्रष्टाचार से सम्बंधित एक छत्तीसगढ़ी रचना सुना रहे है:
एक दिन अहसन आएगा भाई-
ये दुनिया छुट जायेगा-
पिंजरा के सुहाना-
मोरो बोलत मैना उड़ जाई न-
एक दिन अहसन आएगा भाई...
Posted on: Dec 02, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान...श्लोक -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता रामायण का श्लोक सुना रहे हैं :
दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान-
तुलसी दया न छांडिये जब तक घट में प्राण-
माया मरी न मन मारा मर मर गया शरीर-
आशा तृष्णा न मरी कह गए दास कबीर-
बड़ा हुवा सो क्या हुवा जैसे पेड़ खजूर-
पंछी को छाया नही फल लागे अति दूर...
Posted on: Nov 29, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी तुम बिन और न दूजा...भजन गीत -
ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक भजन गीत सुना रहे है:
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी तुम बिन और न दूजा-
बीच भवंर में आन फंसी मैया मोरी जगमग डोले-
पार लगाओ चरण तुम्हारे कृष्ण मुरारी जान बचाओ-
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी तुम बिन और न दूजा...
Posted on: Nov 25, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊं...भजन -
आदिवासी बाहुल तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता आज के समय में देश में प्रधानमंत्री की भूमिका को बताते हुवे एक भजन सुना रहे हैं :
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आंउ – हे पावन परमेश्वर मेरे मनही मन शरमाऊं – तूने मुझको भेजा जग में देकर निर्मल काया – आकार के संसार में मैंने इस पर दाग लगाया – जनम जनम की मैली चादर कैसे दाग छुड़ाऊं – मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आंउ...
