हो ओ रे रेलगाड़ी बड़ा लागे...करमा गीत

ग्राम- सागरपुर, जिला- बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से उर्मिला किरकेट्टा उरांव भाषा में एक करमा गीत प्रस्तुत कर रही हैं, गीत दशहरा के अवसर पर गाया जाता है:
हो ओ रे रेलगाड़ी बड़ा लागे-
दुलुम दुला हारहा लागी-
बड़ा हाथ किसी रेन गोरिया न दो पोजेरा न दो-
पोंगा पो लेन चोंगा पो लेन, रेलगाड़ी बड़ा लागी...

Posted on: May 07, 2018. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

कूआं का ठंडा पानी पीपल का छांव...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम पंचायत -महाराजगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से गणेश कुमार सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
कूआं का ठंडा पानी पीपल का छांव-
बलरामपुर शहर मोरे गांव के जिला ले अब अनंद के छांव...

Posted on: May 07, 2018. Tags: GANESH KUMAR SINGH SONG VICTIMS REGISTER

निःशुल्क मीडिया बुलाती है, जैसे हो ये सीजीनेट स्वरा...

ग्राम-जाराडिह, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से मनराज तिवारी सीजीनेट के सन्दर्भ में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
पंछी सुर में गाते हैं, भंवरे गुनगुनाते हैं-
घूँघरू बजाती है हवाएं, हो ऐसे मुस्कराती है-
निःशुल्क मीडिया बुलाती है, जैसे हो ये सीजीनेट स्वरा-
नइया बिन खेवइया जाने कैसे साहिलों पे आती है-
निःशुल्क मीडिया हर किसी को एक दिन तो मिलाती है-
सच्ची ये कहानी है अपने संदेशा पहुंचाने का-
जैसे हो ये सीजीनेट स्वरा...

Posted on: May 07, 2018. Tags: MANRAJ TIWARI SONG VICTIMS REGISTER

गर्भवती महिलाओं को झोली, खटिया में लेकर पैदल किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ता है...

ग्राम-कर्री, तहसील-ओड़गी, जिला-सूरजपुर(छत्तीसगढ़) से प्रेम सुंदर पोर्ते सड़क की समस्या के बारे में बता रहे है, यहाँ पर आसपास के गाँव कर्री, कुप्पी, गंगापुर इनका सड़क से कोई सम्पर्क नही है, जिसके कारण ग्रामीणों को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है, अगर किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो, कोई सुविधा नही है, झोली में या खटिया पर पैदल चलकर जाना पड़ता है| जिसके कारण समय पर अस्पताल नही पहुच पाते है, इसके लिए कई बार जनपद, जिला जनदर्शन में आवेदन किया है: कलेक्टर@9826443377, C.E.O@9926192534. सम्पर्क सरपंच@9009841674.

Posted on: May 06, 2018. Tags: MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER

बंगाल के हमारे गाँव में पहले संथाली भाषा में भी शिक्षा दी जाती थी, अब सिर्फ बांग्ला, अंग्रेज़ी...

अम्बेडकर विश्वविद्यालय (दिल्ली) से धीरज सिन्हा जो विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर और बंगाल के रहने वाले हैं, रिसर्च के दौराने हुवे अपने अनुभव को बता रहे हैं, ग्राम-रुकमी, जिला-झारग्राम के प्राइमरी स्कूल में 2014 से पूर्व संथाली और बंगाली भाषा से शिक्षा दी जाती थी लेकिन प्राइमरी स्कूल के बाद संथाली भाषी छात्र आगे नही बढ़ पाते थे, क्योंकि हाई स्कूल संथाली भाषा में नही था, 2014 से पूर्व यह काफी बड़ा मुददा था जिसके कारण 3 साल तक स्कूल बंद हो गया और 2016-17 के अंत तक दोबारा शुरू हुआ, लेकिन उसमे अंग्रेजी और बंगला से पढाई होती है, संथाली भाषा हटा दिया गया, जो एक गंभीर विषय है, यह भाषा धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं |

Posted on: May 06, 2018. Tags: PRAVINA DILLHI SONG VICTIMS REGISTER

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