वनांचल स्वर : रतौंधी बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोती नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी आज हमें रतौंधी बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, रतौंधी बीमारी में रात को कम दिखाई देता है, जो व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित हो वे आंवले का फल 100 ग्राम और मिश्री 100 ग्राम दोनों को साफ कर पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रखें और एक-एक चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार पानी या दूध के साथ सेवन करे, इससे लाभ हो सकता है, लगातार तीन माह तक सेवन कर सकते हैं, भोजन में मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन, मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करे, नशा न करें, हरी सब्जियों का उपयोग करे. इस तरह हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों के उपयोग से हम स्वस्थ रह सकते हैं :संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: HD GANDHI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : लौकी के औषधीय गुण
अहमदाबाद, गुजरात से दीपक आचार्य आज हम लोगो को लौकी के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: लौकी में वसा की मात्रा कम होती है इसको मुख्य रूप से मधुमेह जैसे पीड़ित मरीजों को खिलाना चाहिए, इसमें कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होने से आसानी से पाचन क्रिया हो जाती है, इनकी सब्जी खाने से सिर का दर्द और शरीर के गर्मी दूर हो जाती है, इसकी रायता, जो तुरंत तैयार किया जाये, उसको पीने से दस्त करे रोगियो को आराम मिलता है, लौकी को उबालकर खाने से नकसीर (नाक से खून निकलना) जैसे बीमारी से छुटकारा मिला सकता है. वे कह रहे हैं कि इन सब्जियों को एक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाना चाहिए जो लगभग सभी घरों में पाया जाता है| दीपक आचार्य@7926467407.
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: DEEPAK ACHARYA HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : औषधीय पौधा सतावर से दूध की कमी और कमजोरी को कम किया जा सकता है-
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव आज हम लोगो को एक औषधीय जड़ी सतावर के बारे में बता रहे हैं, सतावर वनों में पाई जाने वाली जड़ी है, ये उन महिलाओं के लिए जिनको बच्चा जन्म लेने के बाद शरीर में दूध नही बनता या कम बनता है और किसी भी कमजोर व्यक्ति के लिए उपयोगी है, जड़ को सुखाकर पीसकर एक चम्मच प्रतिदिन दूध और मिश्री के सांथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिल सकता है, वह वृक्ष एक लता के समान कठीला होता है, यह बारिश के दिनों में निकलता हैं, झाडियों के बीच रहता है पत्तियां, तना दोनों हरी रहती है, छोटे-छोटे फल लगते हैं जो पपीता के बीज के तरह होते हैं, अक्टूबर, नवंबर महीने के बाद ये वृक्ष सूख जाता है, यह 5 या 6 फिट का लता के सामान होता है, इसमें 2 किलो तक जड़ निकलती है, जो सफेद रंग की होती है, मीठी होती है: जगदीश यादव@697448583.
Posted on: Jul 21, 2018. Tags: HEALTH HINDI JAGDISH YADAV REWA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : खांसी, स्वास, कफ समस्या का घरेलू उपचार-
ग्राम-छाती, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से वैद्य संत प्रभुदयाल मेसपाल खांसी, स्वास, कफ का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काली मिर्च 10 ग्राम, सोंठ 10 ग्राम, पीपली 10 ग्राम तीनो को पीसकर छानकर रख लें, और आधी चम्मच शहद के सांथ दिन में दो बार सुबह-शाम सेवन करें, इससे खांसी, कफ, स्वांस की समस्या में आराम मिल सकता है, खाने में तेल, खटाई, मिर्च, मसाला, मांस का उपयोग न करें, आधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य संत प्रभुदयाल मेसपाल @9752013122.
Posted on: Jul 20, 2018. Tags: HEALTH PRABHUDAYAL MESPAL SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : अनार के औषधीय गुण-
अहमदाबाद (गुजरात) से डॉ. दीपक आचार्य अनार के गुणों को बार रहे हैं, हमारे देश में लगभग सभी राज्यों में अनार उगता है, कई राज्यों में इनकी खूब खेती होती है, अनार के सभी अंग औषधीय गुणों से परिपूर्ण रहते हैं, फल की अपेक्षा कच्ची कली और छिलकों में ज्यादा औषधीय गुण होते हैं, अनार का सेवन खून की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है, इसलिए ये हृदय रोग के लिए भी उपयोगी है, अनार की ताजी कोमल कलियां (फूल) को पीस कर पानी में मिला ले और पीयें ऐसा करने से जिन महिलाओं को गर्भ धारण करने में दिक्कत आती है, उन्हें लाभ हो सकता है, 10 ग्राम अनार के पत्तों को आधा लीटर पानी में उबालें और जब एक चौथाई शेष बचे तो उस काढ़े से कुल्ला करे, तो मुंह के छालों को ठीक करने में लाभ हो सकता है, पायरिया जैसी बीमारी में भी उपयोगी है : डॉ. दीपक आचार्य@7926467407.

