वनांचल स्वर : रतौंधी बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोती नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी आज हमें रतौंधी बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, रतौंधी बीमारी में रात को कम दिखाई देता है, जो व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित हो वे आंवले का फल 100 ग्राम और मिश्री 100 ग्राम दोनों को साफ कर पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रखें और एक-एक चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार पानी या दूध के साथ सेवन करे, इससे लाभ हो सकता है, लगातार तीन माह तक सेवन कर सकते हैं, भोजन में मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन, मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करे, नशा न करें, हरी सब्जियों का उपयोग करे. इस तरह हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों के उपयोग से हम स्वस्थ रह सकते हैं :संपर्क नंबर@9111061399.

