पीड़ितों का रजिस्टर: 2017 में उनके चाचा नक्सली मार दियें...
ग्राम पंचायत-गटाकाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सोनारू पिता लक्षु बता रहे हैं, 2017 में उनके चाचा नक्सली संगठन में 5 साल तक काम कियें घर आने के के बाद नक्सलियों ने उन्हें मार दियें| 3 महीने के बाद पता चला| घटना के बाद उन्हें सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि नही मिली| वर्तमान में बनी मजदूरी कर के अपना जीवन यापन कर रहे हैं, अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6382118338.
Posted on: Jul 24, 2021. Tags: CG DISPLACED KILLD MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SONARU VICTIMS REGISTER
देतों डंगनी दीदी देतों डंगनी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-डोतमा, ब्लाक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) संजीव केवट एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
देतों डंगनी दीदी देतों डंगनी-
देतों डंगनी चटिक तोड़-
आतो मूंगा ला देतों डंगनी-
आरी रंगो बारी रंगो तीर तीर में खोभा-
देतों डंगनी दीदी देतों डंगनी...
Posted on: Jul 22, 2021. Tags: CG CG JANJAGIR CHAPA SANJIV KEWAT SONG
हमें सही मूल्य पर राशन नहीं मिलती है, कृप्या मदद करें-
ग्राम पंचायत-बड़ेबोदेनार, सुकोपारा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़ ) से सुखराम कुंजाम बता रहा है कि राशन दुकान में जो भी मिल रहा है उसमे जितना लेनेका है उस से आधिक पैसा ले रहे है| उचित मूल्य पर नही मिल रहा है| उसके कारण गांव के लोगों ने बहुत परेशान है, इसके लिए उन्होंने सचिव सरपंच को शिकायत कियें लेकिन अभी तक ध्यान नही दे रहे है, इसलिए सीजीनेट साथियों से मदद कि अपील कर रहे हैं, कि दियें गयें नंबर पर बात कर के समस्या का समाधान कराने में मदद करें:
सरपंच@9406483354, सचिव@9406654501, संपर्क नंबर@7587454402.
Posted on: Jul 22, 2021. Tags: BASTANAR CG PROBLEM RATION SUKHRAM KUNJAM
मोर संगसार मा दिन के सितार मा...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम पंचायत-खैरागढ़, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से निशा मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मोर संगसार मा दिन के सितार मा-
साजे झेड़े गोरी पड़ गयो में प्यार मा-
तोरे एकरार ना मया के धार मा-
गाव में गीत के संगी तोरे प्यार मा-
करथो मै इजहार गोरी तय मोर प्राण गोरी...
Posted on: Jul 21, 2021. Tags: CG MUNDE NISHA RAJNADGANV SONG
एक रुत आये एक रूत जाए....गीत-
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
एक रुत आये एक रूत जाए-
मोसम बदले ना बदले ना शरीर-
कब तक सूखे पर्वत आँखे बरस गयी-
बादल तो ना बरसा आँखे बरस गयी-
एक रुत आये एक रूत जाए...
