एक रुत आये एक रूत जाए....गीत-

राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
एक रुत आये एक रूत जाए-
मोसम बदले ना बदले ना शरीर-
कब तक सूखे पर्वत आँखे बरस गयी-
बादल तो ना बरसा आँखे बरस गयी-
एक रुत आये एक रूत जाए...

Posted on: Jul 21, 2021. Tags: CG GANDHARV RAJNANDGAON SONG VIRENDRA