बाला रे बाला ये पारा वाले मीत...गीत-
जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से मुन्नी बाई एक गीत सुना रही हैं:
बाला रे बाला ये पारा वाले मीत-
साईकल वाले मोर दीवाना बैठाले आगे सीट-
हाय हाय रे करेला कहा से रईहा रे-
नवा सड़क मा दिखथे बीछी-
हाय रे हाय रे करेला अकेला आना दोस...
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: BABULAL NETI MP SHAHDOL SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : जोड़ो में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार-
भिलाई, जिला-दुर्ग, (छत्तीसगढ़) से उमेश कुमार रैकवार जोड़ो में होने वाली दर्द के लिये घरेलू उपचार बता रहे हैं| पहले 100 ग्राम तीली का तेल लेना है, उसमे थोड़ी मात्रा में मेथी और थोड़ी मात्रा में अजवाईन, कुछ कली लहसुन, थोड़ा सा अदरक का पेस्ट लेकर, तड़का लगा लें और उस तेल को छानकर रख लीजिये और जहां पे दर्द होता है, उस जगह पर लगाइए| इससे आराम मिल सकता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| उमेश कुमार रैकवार@7000371638.
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: CG DURG HEALTH SONG UMESH KUMAR RAIKWAR VICTIMS REGISTER
यह जीवन है कागज की पुड़िया, हवा चलत उड़ जाना...दादरा गीत-
जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से मुनिया बाई एक दादरा गीत सुना रही हैं:
यह जीवन है कागज की पुड़िया-
हवा चलत उड़ जाना-
राम कहने में कभी न भुलाना-
जीवन मा नई है ठिकाना-
यह जीवन है नमक का डरिय-
बूंद पड़त घुर जाना...
Posted on: Mar 10, 2019. Tags: BABULAL NETI MP SHAHDOL SONG VICTIMS REGISTER
डेम निर्माण के लिये साल भर पहले आवेदन दिये थे, निरिक्षण के बाद भी काम शुरू नही हुआ...मदद की अपील-
ग्राम पंचायत-सिवनी, विकासखण्ड-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामूराम मंडावी और शिवलाल विस्कर्मा अपने गांव की समस्या से सीजीनेट के साथियों को अवगत करा रहे हैं| वे बता रहे हैं, गांव में डेम की आवश्यकता है, जिससे गांव में पानी की सुविधा हो सके और किसान खेती कर सकें| उन्होंने डेम के लिए 1 साल पहले अधिकारियों के पास आवेदन दिया था| अधिकारी जगह का निरिक्षण भी कर चुके हैं लेकिन उस पर कोई काम नहीं हो रहा है| इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर गांव में डेम बनवाने में सहयोग करें : कलेक्टर@7587876877. संपर्क नंबर@9754441737.
Posted on: Mar 09, 2019. Tags: CG KANKER PROBLEM RAMURAM MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER
हम जैसा संस्कार देते हैं वैसा ही आगे बढ़ता है...कहानी-
मोहन की मम्मी मोहन की दादी माँ को मिट्टी के बर्तन में खाना देती है| मोहन प्रतिदिन ये सब देख रहा था| एक दिन मोहन अपनी दादी से पूछ पड़ा कि दादी माँ मम्मी आपको मिट्टी के बर्तन में खाना क्यों देती है| दादी ने जवाब दिया बेटा मै बूढी हो गई हूँ इसलिये| मोहन बोला दादी कल आप खाने को हांथ में लेकर छोड़ देना तब मै आपको जोर से डाटूंगा लेकिन आप बुरा मत मानना| अगले दिन दादी ने वैसा ही किया| तब मोहन दादी को चिल्लाकर बोला दादी आप मिट्टी के बर्तन को तोड़ दिए अब मै मम्मी पापा को बूढ़े होने पर किसमे खाना दूंगा| ये सारी बात मोहन की मम्मी सुन रही थी| इस कहानी ये सीख मिलती है हम जैसा संस्कार देंगे वैसा ही आगे बढ़ता जायेगा|
