क्या मेरी पहचान है...कविता

ग्राम जजावल जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अकेला कौन हूँ क्या मेरी पहचान है-
ये समाज ही तोह मेरा मान सम्मान है-
मेरे रगों में इसका ही खून बहता है-
यह तो मेरी असली पहचान है-
में आज दुनिया में जीवित हूँ – सब गर्व करते है ये मेरा समाज ही तो संस्कार ज्ञान है-
मैं उसका अंश हूँ ये मेरी पहचान है...

Posted on: Dec 04, 2016. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER

मत रो मेरी माँ...मत रो मेरी बहना...कविता

ग्राम जजावल जिला-सूरजपुर छतीसगढ़ से सुखसागर सिंह पावले एक कविता सुना रहे है:
मत रो मेरी माँ मत रो मेरी बहना-
तेरे सूखे चेहरे को देखकर-
मुझे उजार धरती माँ कि याद आती है-
तेरे आंसू भरे नयन देखकर-

दिल बिलखती रोती गोंडवाना माँ कि याद आती है मुझे-
तेरी फटी साड़ी का टुकड़ा देखकर-
दुःख से रोने वाला याद आता है-
तेरा दुःख दर्द से ग्रस्त चेहरा देखकर-
तेरी हड्डी पसली से कंकाल बना तन देखकर-
दुःख कष्ट से भूखे गोंडवाना के कुपोषित बच्चो की याद आती है मुझे-
मत रो मेरी माँ मत रो मेरी माँ...

Posted on: Dec 01, 2016. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER

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