उड़ी हवा, हवा के संग, गया गया जहां के पार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
उड़ी हवा, हवा के संग-
गया गया जहां के पार-
चार कंधो में अर्थी चली हो उसमे सवार-
चार मन काठ का घोडा सजा तैयार-
उड़ी हवा, हवा के संग गया जहां के पार...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बेटी लाल जोड़ा पहनकर जा रही ससुराल...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बेटी लाल जोड़ा पहनकर जा रही ससुराल-
हांथ में हल्दी पाँव में कुमकुम माहुर-
होंठो से टपक रही लार-
गाल गुलाबी होंठ शराबी, करके सोला सिंगार-
छनक रही है पायल उसकी-
मंगलसूत्र गले में हार...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
जब बेटी थी छोटी, गोद थी उसकी चार पाई-
धीरे-धीरे बड़ी बढ़ने लगी-
जोड़ने लगे नित माता पिता पाई-पाई-
हुई 18 जब पार, दूर से देखने सगा आई-
देख लड़की की पसंद, ठोक बजाकर पूछा ताछा-
लड़के झुका अपना नजर, कुछा जवाब दिया...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
एक तीर से दो शिकार, करे राजनीती करे व्यापार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
एक तीर से दो शिकार, करे राजनीती करे व्यापार-
उद्योग पतियों का यारी यार, लोगो का क्यों करे उपकार-
सत्ता में आने से पहले, घर-घर जाकर तू यह कहले-
मै हूँ नहले पे दहले, मुझे ही चुनना तुम पहले-
तुम लोगो को मै ही करूंगा उद्धार-
जब बनेगा मेरा सरकार, बसा दूंगा तुम्हारा घर द्वार...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : दांतो को मजबूत करने और संबंधित बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी दांतो को मजबूत करने और दांतो से संबंधित बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं | बाईबिडिंग 10 ग्राम और फिटकिरी भुनी हुई 10 ग्राम सभी को पीसकर दरदरा चूर्ण बना लें| और तीन लीटर पानी में उबालें| जब एक लीटर पानी रह जाये| तब उसे ठण्डा कर बाटल में रख लें| उस पानी को गुनगुना कर, दिन में दो बार प्रयोग करने से लाभ हो सकता है| ठण्डी चीजों से बचें| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
