नवा छाता जेतावा फूले दैजा आ...गंगा दशहरा गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक पारंपरिक गंगा दशहरा गीत सुना रहे हैं :
नवा छाता जेतावा फूले दैजा आ-
जाऊन घर चलत रहा रे-
संगी ठीके कहे मुगा के जवा फूले देबे या-
झोला धरा चलब रहा रे-
अरे टोला खेले मलवा, जाते जाबो गा-
झोला धरा चल दशरह रे...
Posted on: Jun 05, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : जोड़ो में होने वाली दर्द का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी जोड़ो में होने वाली दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं| अमरकस 100 ग्राम, अस्वगंधा 100 ग्राम, सतावरी 100 ग्राम, आंवला फल 100 ग्राम इकठ्ठा कर लें| सभी को साफ कर, पीस कर चूर्ण बना लें| एक-एक चम्मच चूर्ण भोजन के बाद दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ सेवन करें| लाभ हो सकता है| गर्म पानी का उपयोग करें| रात को गर्म भोजन करें| हरी पत्तीदार सब्जी का उपयोग ज्यादा करें| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ, भोजन, मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें, नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Jun 04, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
तोर लागिन दाई साडी बसंती रे...डोमकच्छ गीत-
ग्राम-बरपटिया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं :
तोर लागिन दाई साडी बसंती रे-
मोर लागिन केरा के पत्ता पिरायो दिन-
हम धनी रहबो कुवार पिरायो दिन-
तोर लागिन दाऊ माथे महुआ रे-
हमर लगेन ढोढी कर पानी पिरायो दे-
तोर लागिन दाऊ पुड़ी सोहारी रे-
तोर लागिन दाई पूड़ी सोहारी रे...
Posted on: Jun 04, 2019. Tags: CG DHANSAI MARAVI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
करपूर गौरम करूणावतारम...आरती-
ग्राम-मारमा, जिला-बलरामपुर रामानुज गंज (छत्तीसगढ़) से सैलेश यादव एक आरती सुना रहे हैं :
करपूर गौरम करूणावतारम-
संसार सारम भुजगेन्द्र हारम-
सदा वसंतम हृदयारविंदे-
भवम भवानी सहितं नमामि-
शिव गुरु रक्षामि-
शिव गुरु पढियाम, शिव गुरु त्राहिमाम...
Posted on: Jun 04, 2019. Tags: BALRAMPUR CG PRAYER SAILESH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
मन का भ्रम, 10 ऊंट या 9...कहानी-
एक बार एक आदमी 10 ऊँट को रेगिस्तान में पानी पिलाने तालाब ले जा रहा था| कुछ मील चलकर वह एक उठ पर बैठ गया| और ऊँट को गिनने लगा| एक कम था| घबराकर उतर गया, और 10 वे ऊँट की खोज में निकल गया | जब ऊंट का कोई निसान नहीं दिखाई दिया, तो उसने सोचा ऊंट खो गया है| खोजना बंद कर वह दुखी मन से वापस जाने लगा| वापस आकार देखा तो सभी ऊंट वहीँ थे| उसकी खुशी का ठिकाना न रहा| वह पुनः एक ऊंट पर सवार होकर आगे बढ़ा तो देखा एक ऊंट फिर गायब है| वह दोबारा खोज में निकला, लेकिन वह नहीं मिला| फिर वह वापस आया| तो देख 10 ऊंट मजे से चले जा रहे हैं|उसने सोचा गर्मी के वजह से कुछ गड़बड़ी हो रही है| वह फिर सबसे पीछे वाले ऊंट पर सवार हो गया| और गिना उसे समझ नहीं आया अभी भी क्यों कम हैं|
