They celebrated Holi before so upper caste people burnt Adivasi houses...
Deepak Das of Mulnivasi Sangh, Jharkhand is telling us that on last Holi day on 26th March some upper caste villagers attacked adivasis in Sripalpur village in Palamu district because they celebrated holi before them. Houses were burnt, women were sexually assaulted. Police filed a case when it was reported in newspapers. A rally is organised in Daltonganj on 21-22nd April demanding speedy action. For more Deepak Das can be reached on 09798652072.
Posted on: Apr 08, 2013. Tags: Deepak Das
Demand to cancel lease of coal blocks in Hazaribagh area of Jharkhand
My name in Deepak Das. I am calling from Karnapur Bachao Sangharsh Samilti in Hazaribagh in Jharkhand. I want to tell you about our one day protest demanding cancellation of 32 coal blocks to private companies in Karnapura area. These blocks were given between 2004 and 07 but none have been able to start work due to protest of people who do not want to give their land. People demanded that because they have not started their work in stipulated time their allocations should be cancelled as per law. For more Deepak Ji can be reached at 07250982162
Posted on: Oct 02, 2012. Tags: Coal Deepak Das
अजवायन- एक औषधीय मसाला
किचन में उपयोग में आने वाले मसालों का औषधिय महत्व कितना हो सकता है इसका सटीक उदाहरण अजवायन है। अजवायन का वानस्पतिक नाम ट्रेकीस्पर्मम एम्माई है। पान के पत्ते के साथ अजवायन के बीजों को चबाया जाए तो गैस, पेट मे मरोड और एसीडिटी से निजात मिल जाती है। पॆट दर्द होने पर अजवायन के दाने १० ग्राम, सोंठ ५ ग्राम और काला नमक २ ग्राम को अच्छी तरह मिलाया जाए और फ़िर रोगी को इस मिश्रण का ३ ग्राम गुनगुने पानी के साथ दिन में ४-५ बार दिया जाए तो आराम मिलता है । यदि बीजों को भूनकर एक सूती कपडे मे लपेट लिया जाए और रात तकिये के नजदीक रखा जाए तो दमा, सर्दी, खाँसी के रोगियों को रात को नींद में साँस लेने मे तकलीफ़ नही होती है । माईग्रेन के रोगियों को पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानकार अजवायन का धुँआ लेने की सलाह देते है । अगली रिकार्डिंग में डॉ दीपक आचार्य भिंडी के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी देंगे, और अधिक जानकारी के लिए डॉ आचार्य से +919824050784 या ईमेल deepak@abhumka.com पर संम्पर्क साधा जा सकता है।
Posted on: Apr 29, 2012. Tags: Deepak Acharya
बेल: एक नेचुरल डिओडरेंट
मंदिरों, आँगन, रास्तों के आस-पास प्रचुरता से पाये जाने वाले इस वृक्ष की पत्तियाँ शिवजी की आराधना में उपयोग में लायी जाती है । इस वृक्ष का वानस्पतिक नाम एजिल मारमेलस है । बेल के फ़लों का शर्बत बडा ही गुणकारी होता है । यह शर्बत कुपचन, आँखों की रौशनी में कमी, पेट में कीडे और लू लगने जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिये उत्तम है । बेल की पत्तियों मे टैनिन, लोह, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे रसायन पाए जाते है । पत्तियों का रस यदि घाव पर लगाया जाए तो घाव अतिशीघ्र सूखने लगता है । गुजरात प्राँत के डाँग जिले के आदिवासी बेल और सीताफ़ल पत्रों की समान मात्रा मधुमेह के रोगियों के देते है । गर्मियों मे पसीने और तन की दुर्गंध को दूर भगाने के लिये यदि बेल की पत्तियों का रस नहाने के बाद शरीर पर लगा दिया जाए तो समस्या से छुटकारा मिल सकता है । पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार बेल के कच्चे फ़ल और पत्तियों को गौ-मूत्र में पीस लिया जाए और नारियल तेल में इसे गर्म कर कान में डाला जाए तो बधिरता दूर हो सकती है । जिन्हे हाथ-पैर, तालुओं और शरीर में अक्सर जलन की शिकायत रहती हो उन्हे कच्चे बेल फ़ल के गूदे को नारियल तेल में एक सप्ताह तक डुबोए रखने के बाद, इस तेल से प्रतिदिन स्नान से पूर्व मालिश करनी चाहिये, जलन छूमंतर हो जाएगी । बेल की जडों की छाल का काढा मलेरिया व अन्य बुखारों में हितकर होता है ।अगली रिकार्डिंग में डॉ दीपक आचार्य अजवायन के बारे में जानकारी देंगे। और अधिक जानकारी के लिए डॉ आचार्य से +919824050784 या ईमेल deepak@abhumka.com पर संम्पर्क साधा जा सकता है।
Posted on: Apr 22, 2012. Tags: Deepak Acharya
Call for Jail Bharo on 22/2/12
Deepak Das from Karnapura Bachao Sangharsh Samiti in Jharkhand says that following their protest, they have now decided to offer themselves for arrest if the 3 people arrested are not released. You may look for earlier message on the subject by searching for Deepak Das or call him for further details at 07250982162
