अजवायन- एक औषधीय मसाला
किचन में उपयोग में आने वाले मसालों का औषधिय महत्व कितना हो सकता है इसका सटीक उदाहरण अजवायन है। अजवायन का वानस्पतिक नाम ट्रेकीस्पर्मम एम्माई है। पान के पत्ते के साथ अजवायन के बीजों को चबाया जाए तो गैस, पेट मे मरोड और एसीडिटी से निजात मिल जाती है। पॆट दर्द होने पर अजवायन के दाने १० ग्राम, सोंठ ५ ग्राम और काला नमक २ ग्राम को अच्छी तरह मिलाया जाए और फ़िर रोगी को इस मिश्रण का ३ ग्राम गुनगुने पानी के साथ दिन में ४-५ बार दिया जाए तो आराम मिलता है । यदि बीजों को भूनकर एक सूती कपडे मे लपेट लिया जाए और रात तकिये के नजदीक रखा जाए तो दमा, सर्दी, खाँसी के रोगियों को रात को नींद में साँस लेने मे तकलीफ़ नही होती है । माईग्रेन के रोगियों को पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानकार अजवायन का धुँआ लेने की सलाह देते है । अगली रिकार्डिंग में डॉ दीपक आचार्य भिंडी के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी देंगे, और अधिक जानकारी के लिए डॉ आचार्य से +919824050784 या ईमेल deepak@abhumka.com पर संम्पर्क साधा जा सकता है।
