अधिकारियों के पीछे दौड़ते दौड़ते थक गयी हूँ, तीन साल से इंदिरा आवास का बकाया नहीं मिला...
ग्राम-पोंदुम, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह पावले ग्रामीण महिला रामवती से चर्चा कर रहे हैं जो बता रही हैं कि इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत इनको पैसा आया था, जिसमे तीन किस्तों में पैसा मिलना था जिसमे दो क़िस्त मिल चुका है पहला किस्त 19 हजार और दूसरा किस्त 20 हजार, लेकिन इसका आखरी क़िस्त 3 साल हो गया अभी तक नही दिया गया, इस सम्बन्ध इन्होने कई बार आवेदन किया सरपंच सचिव सुनते नही, इसलिए साथी परेशान होकर सीजीनेट के सभी साथियों से अपील कर रहे है कि दिए गए नम्बरों में बात कर दबाव बनायें जिससे इनको इंदिरा आवास का पैसा मिल सके | सरपंच@9407623079, कलेक्टर@9424272440,जनपद सदस्य@9406154850.पावले@9669383380
Posted on: Oct 10, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE DANTEWADA VICTIMS REGISTER
तरिहारी नहारी बाते ला सुनी ले...आंगनवाडी गीत
ग्राम-डाढबहरा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से मैकिन बाई आंगनवाडी पर एक गीत सुना रही हैं:
तरिहारी नहारी बाते ला सुनी ले-
बाते बताऊँ मया चोखा दीदी हो मने-मने गुन ले-
का खाना खावए मोर गर्भवती माता बाते ला सुनी ले-
का खाना नान लइका मने-मने गुन ले-
भाजी पालक खाते मोर गर्भवती माता बाते ला सुनी ले-
दाल पानी पिए नान लइका मन-मन गुन ले...
Posted on: Oct 10, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE VICTIMS REGISTER
राम से कह लक्ष्मण ने भैया वन को जाना छोड़ दे...गीत
ग्राम-ईटामेटा, तहसील-गीदम, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से मियावती एक गीत सुना रही है:
राम से कह लक्ष्मण ने भैया वन को जाना छोड़ दे-
वन को जाना छोड़ दे भैया वन को जाना छोड़ दे-
गाँव का चलना हाथी घोडा वन का चलना पैदल है-
जाने में तकलीफ होगा वन को जाना छोड़ दे-
घर का खाना दूधमलाई वन का खाना फूल फलाई-
खाने में तकलीफ होगा वन को जाना छोड़ दे-
राम से कह लक्ष्मण ने भैया वन को जाना छोड़ दे...
Posted on: Oct 10, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAVLE VICTIMS REGISTER
हे झमाझम लगे भईया टाकी गाँव मा...गोंडवाना गीत
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से नरेश सिहं वट्टी एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं:
हे झमाझम लगे भईया टाकी गाँव मा-
हे गोंडवाना होट्ल और गोंडवाना चाय-
अरे गोंडन के दुकान मन ला लुभाय-
हल्दी रंगे कपड़ा गोंडवाना ड्रेस-
सबो धर्म ले गोंडी धर्म ला देश-
गोंडन के टंगिया और गोंडन के तनी-
अरे एकता ला बनवा तभी ज़मी-
धासु एकता पहुंचे और धासु धर्माचार-
रतिया माजा लगावय कलाकार-
अरे गोंडन की बोली और गोंडन की भाषा-
अरे दो दिन की ज़िन्दगी हैं एकता रखावा-
हे झमाझम लगे भईया टाकी गाँव मा...
Posted on: Oct 10, 2017. Tags: NARESH SINGH WATTI SONG VICTIMS REGISTER
क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे...पारम्परिक सुग्गा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारम्परिक सुग्गा गीत सुना रहे हैं:
क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे-
मोर सुग्गा रे का देखे मन पछताय राजा राम-
गाय भैस देखे बंसिया बजाय-
मोर सुग्गा रे समय देखे मन पछताय-
मोर सुग्गा रे अकाल देखे मन पछताय राजा राम-
कोन बने अहिरा गईया चरावे-
मोर सुवा रे कोन गए पानी ला पियाय-
काहे के दुली बने गईया चराए-
मोर सुग्गा रे समु गए हे पानी ला पियाय-
पानी पियाय के तिखुर चढ़ावे राजा राम-
सुग्गा ला घर मुख गईया ला चढ़ाय...

