क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे...पारम्परिक सुग्गा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारम्परिक सुग्गा गीत सुना रहे हैं:
क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे-
मोर सुग्गा रे का देखे मन पछताय राजा राम-
गाय भैस देखे बंसिया बजाय-
मोर सुग्गा रे समय देखे मन पछताय-
मोर सुग्गा रे अकाल देखे मन पछताय राजा राम-
कोन बने अहिरा गईया चरावे-
मोर सुवा रे कोन गए पानी ला पियाय-
काहे के दुली बने गईया चराए-
मोर सुग्गा रे समु गए हे पानी ला पियाय-
पानी पियाय के तिखुर चढ़ावे राजा राम-
सुग्गा ला घर मुख गईया ला चढ़ाय...
