हंसी गयी, खुशी गया, गया मन का उमंग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
हंसी गयी, खुशी गया, गया मन का उमंग-
देख बुढ़ापा की परछाई, मन का गया ठसन-
आया याद ऊस दिन का, जब था वो यंग-
खूब इतराया जग में, अपने बल बाजू के संग-
नहीं डरा नहीं झुका चलता रहा वो निडर-
देख बुढ़ापा की परछाई, होने लगा कुछ-कुछ डर...
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
एक खेत नहीं एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे-
यहां पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यह सागर सागर मोती हैं-
यह सारा मान हमारा है, हम सारा खजाना मांगेंगे-
हम मेहनतकस वाले थे, जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग-
इतने दिनो सो रहा था, मनो गया है आज जाग-
लगता है जला डालेगा, धरती का कोना कोना-
नहीं छोड़ेगा शायद एक भी सुंदर सलोना-
नदी, नाला, ताल, तलईया, सबको सुखा कर ही मानेगा-
जीव, जन्तु सभी को रुला कर ही मानेगा...
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
गाड़ी चली डाबा उड़ा लावा लेहे, लुगा माटा लाका लेहे... हल्बी गीत-
ग्राम पंचायत-काकरवाडा, विकासखण्ड-जगलपुर, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से प्रज्ञा और चंपी एक हल्बी गीत सुना रहे हैं :
गाड़ी चली डाबा उड़ा लावा लेहे-
लुगा माटा लाका लेहे-
जोये चले हुका ते वोहिनो जाड़े रे-
खोहियो याते लारे...
Posted on: May 08, 2019. Tags: BASTAR BHOLA BAGHEL CG SONG
कश्मीर हमारी है, हमारा ही रहेगा...कविता- Edited
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कश्मीर हमारी है, हमारा ही रहेगा-
पाकिस्तानी कुछ भी कर लो, तुम्हारा नहीं चलेगा-
शर्म नहीं आता यहां सुवर के बच्चे भेजते हैं-
भून कर रख देंगे जो हमसे लोहा लेते हैं-
कुछ तोह शर्म करो, हम तुम्हारे पडोसी है-
पडोसी ही पडोसी का मदद करता है...
