स्वास्थ्य स्वर : गर्मी में लू से बचने का घरेलु उपचार
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गर्मी में लू से बचने का घरेलू उपचार बता रहे हैं| एक छोटी लाल प्याज़ अपने जेब में रखे, जो शरीर से टच रहना चाहिये| या छुआ रहना चहिये| घर से निकलने से पहले नाश्ता करे, और पानी ज्यादा से ज्यादा पिये | तरल पदार्तु का उपयोग करें, जैसे- मठा, छाछ, लस्सी, नीबू पानी, आम का पना अदि| दोपहर में आराम करें| प्यास लगने के पहले पानी का सेवन करें| धूप से बचे| चश्मा, कपड़ा, हेलमेट का प्रयोग करें| मिर्च मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करें| मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ-कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
तीन रंगो से रंगा है यहाँ की तीन जहाँ,
तिरंगा के निचे टिका है यहाँ सभी का जान,
ना कोई सिख ईसाई न कोई हिन्दू मुस्लमान,
सभी एक होकर तीनो रंगो का करो सम्मान,
जात पात रंग भेध मिटा कर तिरंगा का करो गुणगान,
तीन रंगो से रंग है यहाँ की तीन जहाँ...
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हम पर कुछ तरस खावो ना- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बादल भैया बादल भैया, जल्दी आकर छावो ना,
सूरज की गर्मी से जल रही धरती, बूँद भर कर रश जाओ ना,
बादल भैया बादल भैया, देर ना लगावो ना,
सूख रही है ये नदी नाला, जल बन कर बारिश जावो ना,
बादल भैया बादल भैया,नभ मे छा जावो ना,
आसमान से मोती बनकर, धरती मे बरस जावो ना,
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
माँ की आँचल सबसे सुन्दर- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ की आँचल सबसे सुन्दर,
माँ का ममता निश्चल,
माँ का लाड प्यार फूलों जैसा,
माँ की गोद फूल सी कोमल,
माँ कभी सोंचती नहीं अपने संतान के ऊपर,
सब कुछ लुटा कर भी बहती रहती वो अभिरल,
सब कुछ लुटा कर भी वो कभी नही रहती खाली,
अपने आँचल के अन्दर रखती कुछ ना कुछ बाली,
Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: काया कल्प चूर्ण का प्रयोग एवं घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी काया कल्प चूर्ण का प्रयोग एवं घरेलु उपचार बता रहे हैं| जंगली कोंच का बीज कला 500 ग्राम, आंवला चूर्ण- 200 ग्राम, अश्वगंधा- 200 ग्राम, बरगद के फल का चूर्ण- 200 ग्राम, सतावर- 100 ग्राम, तुलसी बीज- 100 ग्राम, बाबुल की कच्ची फली- 100 ग्राम, सालम पंजी- 100 ग्राम, दाल मखाना- 50 ग्राम, विदारी कण- 50 ग्राम, बरगद का दूध – 50 ग्राम, सफ़ेद मूसली- 100 ग्राम, रजत भस्म- 10 ग्राम, मिश्री-500 ग्राम| इन सबको पीस चूर्ण बना ले| एक एक चमच चूर्ण दिन में 2 बार दूध के साथ सेवन करे| परहेज- मिर्च, मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें,नशा न करे| मैदा,शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गांधी@9111061399.
