माँ की आँचल सबसे सुन्दर- कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
माँ की आँचल सबसे सुन्दर,
माँ का ममता निश्चल,
माँ का लाड प्यार फूलों जैसा,
माँ की गोद फूल सी कोमल,
माँ कभी सोंचती नहीं अपने संतान के ऊपर,
सब कुछ लुटा कर भी बहती रहती वो अभिरल,
सब कुछ लुटा कर भी वो कभी नही रहती खाली,
अपने आँचल के अन्दर रखती कुछ ना कुछ बाली,

Posted on: May 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER