गाँव का नाम बागमुंडी कैसे पड़ा पर चर्चा...
ग्राम-पटेल पारा, पंचायत-बागमुंडी पनेरा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) के निवासी धनीराम कवासी और उनके साथी गाँव का नाम बागामुंडी कैसे पड़ा के बारे में बता रहे हैं, गाँव के लोगो की मान्यता है कि उनके गाँव में पहले बाघ आकार रहा करते थे जिसके कारण लोग उस स्थान छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते थे इस तरह से जो लोग उस गाँव को छोड़कर दूसरे स्थान पर बसे उन लोगो ने बाद में बने गाँव को बागामुंडी नाम दिया और उस जगह पर जहाँ बाघ रहते थे उस जगह को छोड़ दिया गया और बाद में वहां पर देवी का मंदिर बना दिया गया, आज भी वहां गाँव नहीं बसाया गया| (AR)
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
भरोसे का फायदा उठाना - बगुले, गिध्द और बिल्ली की कहानी...
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक कहानी बता रहा है, एक पेड़ पर एक बगुला आपने बच्चो के साथ रह रहा था बच्चे बहुत छोटे थे उड़ नही पाते थे इस लिए वे घोसला में ही रहते थे| बगुला उनके लिए छोटी मछलिया ले आता था जिनसे वे उनकी भूक मिटाया करते थे एक समय की बात है की एक गिध्द आया और उनसे निवेदन किया की मै परिवार में आकेला हो गया हूँ| की मेरे परिवार में कोई भी सदस्य नही बचा है मुझे अपने परिवार में शरण देदो मै आपके बच्चो को देख भाल करूँगा उन्हें ज्ञान बाते बताऊंगा कहानी किस्से सुनाऊंगा, तो बगुले ने कहा तुम गिध्द हो तुम मेरे बच्चो को मार डालोगे तो गिध्द ने कह तुम मुझ पर भरोसा रखों मै तुम्हारे बच्चो के साथ कोई अन्याय नही करूंगा गिध्द बार बार निवेदन किया जिसके पश्चात् बगुला को विश्वास हो गया| उसने गिध्द अपने घर में जगह दे दी अब बगुला चला जाता था बाहर और बच्चे गिध्द के साथ रहने लगे जो गिध्द को दादा कहने लगे और गिध्द कहानी किस्से सुनाया करते थे फिर इस तरह समय गुजरने लगा एक बार बिल्ली आया और बगुले के बच्चे को खाना चाहता था लेकिन सोच रहा था कि कैसे खाऊ यहाँ तो गिध्द है| कोई उपाय करना होगा चलाकी करनी होगी गिध्द बिल्ली के पास गया गिध्द घुस्से से बोला क्यों आये हो यह पर चलो निकलो यह से तो बिल्ली ने कहा की मैंने मास मछली खाना छोड़ दिया हैं क्योकि अब मनुष्य जन्म जो पाना है| तुम मुझ पर भरोसा रखो मै बच्चों को कुछ नही करूँगा मै भी बच्चों को ज्ञान की दो बाते सुना लिया करूंगा तो गिध्द को भरोसा हो गया और बिल्ली भी बैठ गया वही पर ज्ञान की बात सुनाते-सुनाते गिध्द को नींद आ गयी भरोसे का फायदा उठाकर बिल्ली ने बगुले के सारे बच्चे खा गया और लापता हो गया| इतने में बगुला आया देखता है अरे मेरे बच्चें कहा है उसी दौरान गिध्द गहरी नींद से उठा और वह भी धकमका गया तो बगुले ने गिध्द को बोला कि तुमने मेरे बच्चों को मार डाला..
Posted on: Aug 06, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
2017 - 18 में शौचालय बनाने के लिये आया था, आज तक काम पूरा नहीं हुआ...
कोड़ेनार, अड़मा पारा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से महेश कुमार भास्कर और भगत सिंह कर्मा बता रहे हैं कि उनके नाम से 2017-18 में शौचालय आया था जिसका अधूरा निर्माण हुआ है, इसके लिये सरपंच के पास आवेदन दिये हैं लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर शौचालय निर्माण का काम पूरा कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@9770063162, 9399310896. CEO@9406016762, सचिव@7747917756. (172413) (AR)
Posted on: Jul 31, 2020. Tags: SONG TOILET PROBLEM VICTIMS REGISTER
शौचालय की समस्या है, शिकायत करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं देते है, कृपया मदद करें
ग्राम-बरेतीकला, पोस्ट-चंदवा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा मध्यप्रदेश से दयासागर कुशवाह बता रहे है कि वे 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित है और उनके गाँव में जो भी सरकारी योजनायें आती है सरपंच सचिव के मिलीभगत होने के कारण लोगो तक पहुँच नहीं पाती है | जबकि उनके गाँव में 4000-5000 की आबादी वाला गाँव है और बहुत ही कम लोगो के यहाँ शौचालय बना है | इनके पास शुरू से ही शौचालय नहीं बना है | उसके लिए उन्होंने सीएम् हेल्पलाइन में 5-6 बार शिकायत किये थे तो कुछ भी बहाने बनाकर टाल देते है | उसके बाद 2016 में रीवा कलेक्टर के पास भी शिकायत किये थे तब भी कुछ नहीं हुआ उसके बाद सरपंच सचिव के पास पंचायत में बोले तो बन जायेगा बोलते है लेकिन आज तक नहीं बना है | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि सम्बंधित अधिकारियो से बात करके शौचालय बनवाने में मदद करें : संपर्क नम्बर@7489853324, सचिव का नम्बर@9131375269, तहसीलदार@9993444875.
Posted on: Jul 29, 2020. Tags: DAYASAGAR KUSHWAHA REWA MP SONG TOILET PROBLEM VICTIMS REGISTER
कवि कालीदास की कहानी...
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कालीदास की कहानी सुना रहे हैं, कालीदास महामूर्ख थे, उनका विवाह एक विद्वान स्त्री से हुआ है, वे अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करते थे, उनकी पत्नी ने उसे समझाया और ऐसे कटु शब्द कहे जिससे कालीदास बदल गये और आगे चलकर महान कवि बने, यदि आज के समय हम भी अपनी कमी को पहचान कर सुधार लें तो जीवन में आगे बढ़ सकते हैं| (AR)
