वंदे मातरम सुजलां सुफलां, मलयजशीतलाम्...राष्ट्रगीत गीत
सुरेश कुमार बड़वानी मध्यप्रदेश से एक राष्ट्रगीत गीत सुना रहे हैं:
वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां, मलयजशीतलाम्,
शश्यश्यालालां, मातरं!
सुब्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
पुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्
सुहासिनीं, सुमधुर भाषिनीम्,
सुखदां वरदां मातरं!
Posted on: Nov 26, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP RASHTGRT SHIRESH SONG
गरीब परिवार का कहानी-
सुरेश कुमार बड़वानी मध्य प्रदेश से एक कहानी सुना रहे हैं इस गांव में गरीब लोग थे उनका एक बेटी और एक बेटा रहा करते थे। पिताजी ने मजदूरी करके अपने बेटे को पढ़ाता था। और घर भी चलता था। लड़का ने एक दिन पढ़ लिख कर बड़े अधिकारी बन गया। और शहरों में रहने लगा। पिताजी ने बेटे के घर खुशी में मेहमान गया उसके घर में मेहमान आए हुए थे पिताजी ने बेटे से पूछा ए कौन है बेटे ने बोला मेरे रिश्तेदार हैं। बाप ने सुनकर रोते रोते घर वापस लौट आया। कभी भी अपने मां-बाप को दूर नहीं करना चाहिए किसी भी आस्था में क्यों ना हो।
Posted on: Nov 22, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP OF POOR STORY SURESH THE
वर्तमान युग: में बोलना कम बोलना ज्यादा है,
सुरेश कुमार pबड़वानी मध्यप्रदेश से एक चुटकुला सुना रहे हैं।
वर्तमान युग में बोलना कम बोलना ज्यादा है,
देखना कम तकना ज्यादा है सुनना कम सुनाना ज्यादा है परिश्रम कम थकना ज्यादा है सुधता कम मिलावट ज्यादा है सुन्दर कम ब्यूटी पार्लर ज्यादा है।
Posted on: Nov 22, 2022. Tags: BADWANI CHUTKULA KUMAR MP SURESH
स्वाकर करो क्या कमी रह गई...कविता
सुरेश कुमार बड़वानी मध्यप्रदेश से एक कहानी सुना रहे हैं। जिसका बोल हैं हार नहीं होती। असफलता एक चुनौती हैं।
स्वाकर करो क्या कमी रह गई,
देख कर सुधार करो जब तक न,
सफल हो नींद चैन से जागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ भागो तुम...
Posted on: Nov 21, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP POEM SURESH
एक बता यार सोनू अगर देश को अकाल गयी तो क्या होगा...चुठकुला-
सुरेश कुमार बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक चुठकुला सुना रहे है:
एक बता यार सोनू अगर देश को अकाल गयी तो क्या होगा-
मोनू -आसान यार हो खुद ही दूध में पानी मिलाना शुरू कर देगी-
पुलिस -मेडम दरवाजा खोलो पति ट्रक के नीचे आ कर पापड़ बन गए है-
महिला-टो दरवाजा खोलने की क्या जरूरत थी-
एक सब्जीवाला वाला -पानी छिड़क रहा था-
एक सज्जन- ने मिनट बाद कहा भिन्ड्डी को होश आधा किलो तोल दो...
