जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हमको बताते हैं .. कविता
सुरेश कुमार बड़वानी मध्य प्रदेश से एक कविता सुना रहे हैं
जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हमको बताते हैं
न्याय और अन्याय का मतलब शिक्षक ही समझाते हैं
Posted on: Nov 29, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP POEM SURESH
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं... देश भक्ति गीत
सुरेश कुमार बड़वानी मध्यप्रदेश से एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं:
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं
बेला गुलाब चम्पा चमेली बिला
गुलाब जूही चम्पा चमेली
प्यारे-प्यारे फूल गुँथे मातृभूमि में एक हैं
प्यारे-प्यारे फूल गुँथे मातृभूमि में एक हैं
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं...
Posted on: Nov 29, 2022. Tags: BADWANI DESHBHKTI KUMAR MP SONG SURESH
वंदे मातरम सुजलां सुफलां, मलयजशीतलाम्...राष्ट्रगीत गीत
सुरेश कुमार बड़वानी मध्यप्रदेश से एक राष्ट्रगीत गीत सुना रहे हैं:
वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां, मलयजशीतलाम्,
शश्यश्यालालां, मातरं!
सुब्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
पुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्
सुहासिनीं, सुमधुर भाषिनीम्,
सुखदां वरदां मातरं!
Posted on: Nov 26, 2022. Tags: BADWANI KUMAR MP RASHTGRT SHIRESH SONG
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल... कृष्णा भजन
सुरेश कुमार बड़वानी मध्यप्रदेश से एक भजन गीत सुना रहे हैं:
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥
आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल।
बीच में मेरो मदन गोपाल॥
कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।
श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥
घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल।
माखन खावे मेरो मदन गोपाल॥
Posted on: Nov 26, 2022. Tags: BADWANI BHAJAN KRISHNA KUMAR MP SURESH
गरीब परिवार का कहानी-
सुरेश कुमार बड़वानी मध्य प्रदेश से एक कहानी सुना रहे हैं इस गांव में गरीब लोग थे उनका एक बेटी और एक बेटा रहा करते थे। पिताजी ने मजदूरी करके अपने बेटे को पढ़ाता था। और घर भी चलता था। लड़का ने एक दिन पढ़ लिख कर बड़े अधिकारी बन गया। और शहरों में रहने लगा। पिताजी ने बेटे के घर खुशी में मेहमान गया उसके घर में मेहमान आए हुए थे पिताजी ने बेटे से पूछा ए कौन है बेटे ने बोला मेरे रिश्तेदार हैं। बाप ने सुनकर रोते रोते घर वापस लौट आया। कभी भी अपने मां-बाप को दूर नहीं करना चाहिए किसी भी आस्था में क्यों ना हो।
