फुलों सी वो नाजुक है, वदन उसका रुई सामान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
फुलों सी वो नाजुक है,
वदन उसका रुई सामान,
फिर भी ऊँचे पर्वत को चढ़ जाती,
वो नन्ही सी जान,
पर्वतो से टकरा कर, अपना वो बिल बनाती,
फुर्ती रहती हरदम, कहाँ कहाँ क्या मीठा...

Posted on: May 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : प्याज खाने से होने वाले लाभ-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी प्याज खाने से होने वाले फायदे को बता रहे हैं| प्याज ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है| दमा की बीमारी, त्वचा के लिये, खून की कमी को दूर करने, केंसर बीमारी, मुह को स्वास्थ्य रखने, हड्डी के लिये लाभदायक है| साथ ही गर्मी से बचने के लिये भी इसका उपयोग होता है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : टमाटर खाने के फायदे-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी टमाटर खाने के लाभ बता रहे हैं | टमाटर कोलेस्ट्रॉल को कम करता है| शुगर को नियंत्रित करता है| त्वचा को स्वास्थ्य रखता है| हृदय संबंधी समस्या, पाचन क्रिया, आँखों की रोशनी बढ़ाने, खून में वृद्धि अदि के लिये उपयोगी है| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
कल-कल, छल-छल बहती नदी नालायें-
कहीं उथली, कही गहरी-
कहीं समतलतायें-
कई तरह की जीव जंतू, उसके अंदर समायें-
सभी का प्यास बुझाती वह अपना जल पिलाकर-
सभी उसका आगे में रहते, ठण्डा पानी पीकर...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बार-बार बिजली चमकी, कड़का बादल घोर घार-
झूम के बरखा रानी आयी, हुआ बूंदो का बौछार-
चम-चम, चम-चम चमक रही थी, था बादल में घोर अंधकार-
बादल से बादल टकरा रहा, गिरा बनकर मूसला धार-
धरती पास बुला रही थी, आँखों में ले कर प्यार-
प्यार दुलार धरती की, दिया अपना मुसली धार...

Posted on: May 13, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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