मोरो नागरिहा आवत होही ओ...छत्तीसगढ़ी गीत
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से जया मुंडे एक गीत सुना रही हैं:
कोठा म पैरा डालेच नई हंव-
आगी घलो बारेच नई हंव-
का कईहो आंव गोठियावय नहीं-
आज मोरो बात आवय नहीं-
होगे नागर ढीले के बेरा जवारा-
मोरो नागरिहा आवत होही ओ...
Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG
हर एक समस्या का समाधान कहां होगा...भक्ति गीत-
जिला-बांधा उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्रपाल एक भक्ति गीत सुना रहे है:
हर एक समस्या का समाधान कहां होगा-
हर एक समस्या का समाधान कहां होगा-
जब भक्ति नही होगे बागवान कहां होगे-
इतिहास साक्षी है हर युग में है दानी-
राजा ददाजी जैसा बलिदान कहां होगा...(182271) D
Posted on: Jan 30, 2021. Tags: BANDHA UP BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER
कई बार आवेदन देने के बाद भी अधिकारी हमारे काबिज जमीन का पट्टा नही बना रहे हैं...कृपया मदद करें
ग्राम-एर्रगुनटा, पंचायत-उपपाका, तहसील-पिनपाका, जिला-भद्राद्रिकोत्तागूडेम (तेलंगाना ) से कुंजा दानियेल बता रहे हैं कि हम यहाँ 20 सालों से रह रहे है, लेकिन आज तक सरकार उन्हें ने जमीन का पट्टा नहीं दिया| जिससे सरकारी कामो के लिए काफी दिक्कत हो रही है| जमीन का पट्टे के लिए उन्होंने कई बार सम्बंधित अधिकारियों को आवेदन दिए लेकिन अब तक कोई लाभ नही हुआ| ये साथी सीजीनेट के सुनने वाले साथियों से मदद की माँग कर रहे हैं कि दिए गये अधिकारीयों के नम्बरों पर बात करके पट्टा दिलाने में मदद करें| MRO@9849906700, PO@9490157005. सम्पर्क नम्बर @ 8790775043. (152595) MS
Posted on: Jan 20, 2021. Tags: LAND SONG VICTIMS REGISTER
हंस वाहनी ज्ञान दाहनी...सरस्वती वन्दना गीत-
(महाराष्ट्र) से महेश तिरकी सरस्वती वन्दना गीत सुना रहें हैं-
हंस वाहनी ज्ञान दाहनी-
ज्ञान दे ज्ञान का भण्डार दे-
चल सकू निज सत्य पथ पर-
गा सकूं निज गीत हस कर-
हंस वाहनी ज्ञान दाहनी-
ज्ञान दे ज्ञान का भण्डार दे-
शारदे माँ शारदे दे...(181312)RM
Posted on: Jan 09, 2021. Tags: SARASVATI SONG VANDANA VICTIMS REGISTER
खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें...कहानी
राजनन्दगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कहानी सुना रहे हैं-
एक बार गुरु नानक जी अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे, तो एक गाँव में रुके गाँव वालों ने उनका बड़ा अपमान किया, तो गुरु नानक जी ने कहा मिल के रहो| और दुसरे गाँव गये वहां उनका बड़ा सम्मान हुआ, तो गुरु नानक जी ने कहा बिखर जाओ| शिष्यों ने पूछा तो नानक जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया| कोई भी गंदा वस्तु फैलना नही चाहिए| इसलिए इकट्ठा रहने को बोला| अच्छे लोगों का फैलाव होना चाहिए, जिससे अपने साथ ओरों को भी ज्ञान दे सके| खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें| (181995) MS
