खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें...कहानी

राजनन्दगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कहानी सुना रहे हैं-
एक बार गुरु नानक जी अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे, तो एक गाँव में रुके गाँव वालों ने उनका बड़ा अपमान किया, तो गुरु नानक जी ने कहा मिल के रहो| और दुसरे गाँव गये वहां उनका बड़ा सम्मान हुआ, तो गुरु नानक जी ने कहा बिखर जाओ| शिष्यों ने पूछा तो नानक जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया| कोई भी गंदा वस्तु फैलना नही चाहिए| इसलिए इकट्ठा रहने को बोला| अच्छे लोगों का फैलाव होना चाहिए, जिससे अपने साथ ओरों को भी ज्ञान दे सके| खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें| (181995) MS

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV