संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर...कविता-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
संभल-संभल के सीरी, झरथे धरती ऊपर-
टपकात गिरे पसीना, माथा छूथे छापर-
ध्यान चलत है चारो कोती, छिप गे काम-
छवांगे खेती-
छुगत ले आंखी मा आगे-
पाँव परत है, एती पेती...
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
कर्मचारियों ने अपने हक की मांगो को लेकर किया धरना प्रदर्शन, कंपनी ने लोगो पर लाठी चार्ज कर ली दो लो
लांजीगढ़, जिला-कालाहांडी (उड़ीसा) से गिरधारी पात्रो बता रहे हैं| कालाहांडी में वेदांता कंपनी में जो लोग काम कर रहे थे| उनको कंपनी द्वारा काम का पैसा रोक कर दिया जा रहा था| 2 महीने, 3 महीने, 6 महीने इस तरह से पैसा रोक कर काम कराया जा रहा था| जिससे लोगो को जीवन यापन करने में दिक्कत होती थी| दूसरा वे अपने बच्चो का एडमीशन कंपनी द्वारा चलाये जा रहे स्कूल में चाहते थे| तीसरा स्वास्थ्य सुविधा जो उन्हें मिलनी है, नहीं दिया जा रहा है| इन सभी मांगो को लेकर कर्मचारियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया | जिस पर कंपनी ने पुलिश बल का प्रयोग कर लोगो पर लाठी चार्ज कराया| जिसमे 2 लोगो की मृत्यु हो गई| गिरधारी पात्रो@9040123500.
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: GIRDHARI PATRO KALAHANDI ODISHA SONG VICTIMS REGISTER
सुनले बापू ये पैगाम, मेरी चिट्ठी तेरे नाम...गीत-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
सुनले बापू ये पैगाम, मेरी चिट्ठी तेरे नाम-
चिट्ठी सबकी, सब में लिखता-
तुझको राम-राम-
सुनले बापू ये पैगाम, मेरी चिट्ठी तेरे नाम...
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
किसी के बहकावे में न आकार सोच समझकर काम करना चाहिये...कहानी-
हिरन और सियार दोनों मित्र थे| दोनों एक सांथ कुएं पर पानी पीने के लिये जाते थे| दोनों एक दूसरे को सहारा देते हुवे पानी पीते हैं लेकिन सियार के मन में खोट होने के कारण वह हिरन को कुए में गिरा देता है| जिससे हिरन मर जाता है| उसी समय सियार आवाज लगता है जो हिरन को निकलेगा वो हिरन का सारा मांस खायेगा| वहीँ पास में कुछ किसान काम कर रहे होते हैं, वो आवाज को सुनकर आ जाते हैं| और हिरन को कुए से बाहर निकलकर उसका मॉस आपस में बाटने लगते हैं| तभी सियार अपना हिस्सा लेने आता है| तब किसान पूछते हैं| तुम यहां क्या कर रहे हो| हमने मेहनत से इसे निकला इस पर हमारा हक है| सियार ने कहा ठीक है| थोड़ा आग दे दो| किसानो उसे आग दिया और सियार ने उसे खेत में फेक दिया | किसानो के फसल जानने लगे तो सभी आग बुझाने के लिये भागे और सियार ने सारा मांस खा लिया | इस कहानी से सीख मिलती है कि किसी के बहकावे में न आकार सोच समझकर काम करना चाहिये|
Posted on: Mar 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG STORY SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सोथे कीये जीवो, जीवो, वृन्दावन जाई...उड़िया गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी उड़िया भाषा में एक भजन सुना रहे हैं :
सोथे कीये जीवो, जीवो-
वृन्दावन जाई-
स्थानो पाई वोहे, राधा गोविंद-
ये कृष्णो दया, ही ओहे-
राधा गोविंद...
