पीडितो का रजिस्टर : मुझे नक्सली समझकर जेल ले गये, 3 महीने तक जेल में था, कोई मदद नहीं मिली...
ग्राम-बुसकी, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मसीहराम उसेण्डी बता रहे हैं कि 2008 में पुलिस वाले घर से उठाकर ले गए और नक्सली केश बता कर जेल में डाल दिए, तीन महिना जेल में था| फिर जमानत करा दिराए परिवार वाले, 20 से 25 वर्ष की उम्र में फिर 2013 में फिर से जेल हुआ| एक साल 6 दिन जेल में था, घर में परिवार वाले भी बहुत परेशानी में थे| पिताजी भी बीमार था, बच्चे और पत्नी घर में थे|
Posted on: Nov 06, 2021. Tags: CG KANKER MASIHRAM USENDI VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: 3 लोगों की हत्या, मुझे जान से मारने की धमकी, घर छोड़ कर भागना पड़ा...
सुकरो वड्डे, ग्राम कटगांव, जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ से बता रहे हैं कि नक्सलियों ने उनके गांव के 3 लोगों की हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद वे पलायन कर झारखट्टा में रह रहे हैं। उनके परिवार में 5 सदस्य हैं। उन्हें सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली है। वे जीवन यापन करने के लिए सरकार से एक जमीन की अपेक्षा करते हैं। संपर्क नंबर- 7646978529
Posted on: Oct 27, 2021. Tags: JHARKHATTA KANKER KATGAON MAOIST VICTIM SUKRO WADDE VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: मेरे पिता और चाचा को नक्सलियों ने मार दिया, सरकार से कोई मदद नहीं मिली
सीमा ध्रुव, जो कि भानुप्रतापपुर, जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ में रहती हैं, बता रही हैं कि नक्सलियों द्वारा इनके पिता और चाचा को मारा गया था। जिसके बाद वे लोग गांव छोड़ कर भागना पड़ा। उन्हें सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। उनके परिवार में 10 सदस्य हैं। उनकी मांग है कि उन्हें अपने परिवार के भरण पोषण के लिए एक नौकरी और घर बनाने के लिए जमीन मिलनी चाहिए। संपर्क नंबर@8103800614
Posted on: Oct 27, 2021. Tags: BHANUPRATAPUR CG JOB KANKER MAOIST VICTIM SEEMA DHRUW VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों की धमकियों से डर कर 10 साल पहले गांव छोड़ना पड़ा...
बिसलाल दुग्गा, जो कि फिलहाल भानुप्रतापपुर में रहते हैं, बता रहे हैं कि नक्सलियों की धमकियों के कारण उन्हें अपना गांव छोड़ कर भागना पड़ा। वे 2011 में पलायन करने के पहले ग्राम गुमड़ी में रहते थे। उनके परिवार में 7 सदस्य हैं। उन्हें सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8817071365
Posted on: Oct 27, 2021. Tags: BHANUPRATAPUR BISLAL DUGGA CG KANKER MAOIST VICTIM VICTIM REGISTER
सरकार के मदद न करने के कारण स्थति न घर का ना घाट का हो गई: प्रथम सरेंडर्ड नक्सली बने सरपंच
प्रथम सरेंडर्ड नक्सली जो की सरपंच चुने गए, ग्राम पंचायत कलेपाल के बुरसुराम मंडावी अपने गाँव से 25 किमी दूर ग्राम पंचायत पखनार, तहसिल- दर्भा , जिला- बस्तर, छत्तीसगढ़ में रहते हैं। कारण है नक्सलियों द्वारा मारे जाने का भय। माओवादियों के जन मिलिशिया के सदस्य रहे बुरसू जी ने 2017 में आत्मसमर्पण किया था। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें घर और नौकरी मिलनी चाहिए थी जिससे ये अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। नौकरी की आशा में उन्होंने 3 साल पुलिस के साथ मुफ़्त में काम किया। वे पुलिसवालों को ग़श्त लगाने में मदद करते थे। लेकिन इतने दिनों के बाद भी कोई लाभ ना मिलने पर वे उनका काम छोड़ कर राजनीति में आ गए और चुनाव जीता। लेकिन माओवादियों के खिलाफ पुलिस की मदद करने के कारण नक्सली उन्हें अपना दुशमन समझते हैं और संभवतः उन्हें मार देंगे। अब न तो वे अपने गाँव जा कर अपने जमीन पे खेती कर सकते हैं और न ही बिना किसी सहायता के मुख्यधारा में सामान्य रूप से अपना जीविकोपार्जन कर सकते हैं। वे कहते हैं उनकी और उनके जैसे ज्यादातर सरेंडर किए लोगों की स्थिति न घर का ना घाट का हो गई है। संपर्क नंबर- 7722954921
