लीचिया लाले ला ऐ सैयां मुजफ्फरपुर से लईहा
मालिघाट, मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहा है:
लीचिया लाले ला ऐ सैयां मुजफ्फरपुर से लईहा-
नही खैबा सैयां ता बड़ा पछितैबा-
लीचिया के फल रसदार ऐ सैयां मुजफ्फरपुर से लईहा-
जाईला मुजफ्फरपुर ऐ सैयां मुजफ्फरपुर से लईहा-
लीचिया लाले ला ऐ सैयां मुजफ्फरपुर से लईहा
Posted on: May 26, 2019. Tags: BIHAR KUMAR MUJAFFARPUR SONG SUNIL VICTIMS REGISTER
एक दरिया है यहाँ पर दूर तक फैला हुआ, आज अपने बाजुएँ देख पतवारे न देख...गजल
ग्राम-चरगांव, पंचायत-भैंसवाही, तहसील-डिंडोरी, (मध्यप्रदेश) से आरती सोनवानी एक गजल सुना रही हैं:
आज सड़कों पर लिखे हैं सैकड़ों नारे न देख-
घर अन्धेरा देख तू आकाश के तारे न देख-
एक दरिया है यहाँ पर दूर तक फैला हुआ-
आज अपने बाजुएँ देख पतवारे न देख-
अब यक़ीनन ठोस है धरती हकीकत की तरह-
वह हकीकत देख लेकिन खौफ के मारे न देख...
Posted on: May 26, 2019. Tags: ARTI SONWANI DINDORI MP SONG VICTIMS REGISTER
हमारी समस्या समाधान केवल हमारे पास है...सुविचार
ग्राम-चरगांव, पंचायत-भैंसवाही, तहसील-डिंडोरी, (मध्यप्रदेश) से अंजली सोनवानी एक सुविचार सुना रही हैं:
मंजिल की तरफ बढ़ते रहो जो दिल कहे उसी राह चुनते रहो-
पीछे वाले को आगे न जाने दो जो आगे हैं उनसे आगे निकलो-
तभी एक अच्छे इंसान बनोगे-
हमेशा दूसरों के सफलता के बारे में जानने के वजाय-
खुद की सफलता पर काम करना चाहिए-
हमारी समस्या समाधान केवल हमारे पास है-
दूसरों के पास केवल सुझाव है...
Posted on: May 26, 2019. Tags: ANJLI SONVANI DINDORI MP SONG THOUGHT VICTIMS REGISTER
बांस का यह सुन्दर मनभावन घर सभी प्रकार से सुरक्षित वा सुसज्जित होता है...
ग्राम-मामिलगूडेम, पंचायत-मल्कानपल्ले, ब्लाक-नेपलपल्ले, जिला-कोटागुडम, (तेलंगाना) से लक्ष्मण बता रहे हैं, वे पहले छतीसगढ़ में स्थायी निवासी था| परन्तु खेती करने के वास्ते वे अभी तेलंगाना में रह रहे हैं | जहाँ अभी वे बांस के लकड़ी का घर बनाकर रह रहे हैं|लगभग अभी वहां 47 घर हैं जो छत्तीसगढ़ से गये हुए हैं| वे खेती करते हैं और दोनों फसल उगाते हैं| यह बांस वे जंगल से लाते हैं| जिसमे शासन के द्वारा रोक लगाया जाता है पर घर बनाने के लिए बात करते हैं, तो उन्हें छोड़ दिया जाता है| किसी प्रकार के परेशानी नही करते हैं| बांस का यह सुन्दर मनभावन घर सभी प्रकार से सुरक्षित वा सुसज्जित होता है|
Posted on: May 25, 2019. Tags: KOTAGUDAM LAKSHMAN NEPALPALLE SONG TELANGANA VICTIMS REGISTER
बड़े या ताकतवर होने का घमंड नही करना चाहिए...कहानी
गुडगाँव, हरियाणा से सोनू गुप्ता कहानी सुना रहे हैं:
एक बार जिराफ, चिंटी बन्दर, मोनू हांथी, डम्पी चूहा था| एक बार वे सभी रात में वे जंगल गये | लम्बे गर्दन वाला जिराफ हांथी से बोला, क्यों बदे मिया देखो तुम्हारी सूढ कैसी लटकी रहती हैं तुम कोई काम के नही हो | इतना बड़े सूढ लेके तुम क्या करते क्या नही कौन जानता है, ये तुम्हारी सूढ कोई काम की नही है |हांथी बन्दर से कहा क्यों लम्बुदास देखो तुम्हारी पूंछ इतनी लम्बी हो गई है, इतनी लम्बी पूछ क्या कर पाओगे| तुम कुछ नही तोड सकते |मेरी गर्दन को देखो मै अपने गर्दन से कुछ तोड़ सकता हूँ, कही भी दौड़ सकता हूँ | तब जिराफ चूहा से कहा क्यों मिया तुम्हारी शक्ल तो देखो, तुम्हारी शक्ल कैसी दिख रही है, इतने छोटे हो अगर एक पैर भी आपके ऊपर पड़े तो कुचल दिए जाओगे, तो तुम किस काम के हो | मेरी गर्दन बहुत लंबा है हमें तो कोई मार भी नही पायेगा| तब उन्होंने देखा दूर से गुब्बारे उड़ते हुए दिखाई दिए| और कुछ शेर के झुण्ड आ रहे थे | शेरो के झुण्ड जिराफ के तरफ आ रहे थे, और सभी भाग गये, बन्दर पेड़ पर चढ़ गया| जिराफ भागने लगा लेकिन पेड़ों पर उसके गर्दन टकराने से वह घायल होकर गिर गया| तब हांथी को दया आ गया और पास जाकर जोर से चिल्लाया और शेर भाग गये| तब उसे अपने गलती का ऐहसास हुआ, माफ़ी माँगा, बन्दर उसमे दवाई लगाईं | इसलिए बड़े या ताकतवर होने का घमंड नही करना चाहिए |
