बड़े या ताकतवर होने का घमंड नही करना चाहिए...कहानी
गुडगाँव, हरियाणा से सोनू गुप्ता कहानी सुना रहे हैं:
एक बार जिराफ, चिंटी बन्दर, मोनू हांथी, डम्पी चूहा था| एक बार वे सभी रात में वे जंगल गये | लम्बे गर्दन वाला जिराफ हांथी से बोला, क्यों बदे मिया देखो तुम्हारी सूढ कैसी लटकी रहती हैं तुम कोई काम के नही हो | इतना बड़े सूढ लेके तुम क्या करते क्या नही कौन जानता है, ये तुम्हारी सूढ कोई काम की नही है |हांथी बन्दर से कहा क्यों लम्बुदास देखो तुम्हारी पूंछ इतनी लम्बी हो गई है, इतनी लम्बी पूछ क्या कर पाओगे| तुम कुछ नही तोड सकते |मेरी गर्दन को देखो मै अपने गर्दन से कुछ तोड़ सकता हूँ, कही भी दौड़ सकता हूँ | तब जिराफ चूहा से कहा क्यों मिया तुम्हारी शक्ल तो देखो, तुम्हारी शक्ल कैसी दिख रही है, इतने छोटे हो अगर एक पैर भी आपके ऊपर पड़े तो कुचल दिए जाओगे, तो तुम किस काम के हो | मेरी गर्दन बहुत लंबा है हमें तो कोई मार भी नही पायेगा| तब उन्होंने देखा दूर से गुब्बारे उड़ते हुए दिखाई दिए| और कुछ शेर के झुण्ड आ रहे थे | शेरो के झुण्ड जिराफ के तरफ आ रहे थे, और सभी भाग गये, बन्दर पेड़ पर चढ़ गया| जिराफ भागने लगा लेकिन पेड़ों पर उसके गर्दन टकराने से वह घायल होकर गिर गया| तब हांथी को दया आ गया और पास जाकर जोर से चिल्लाया और शेर भाग गये| तब उसे अपने गलती का ऐहसास हुआ, माफ़ी माँगा, बन्दर उसमे दवाई लगाईं | इसलिए बड़े या ताकतवर होने का घमंड नही करना चाहिए |
