पोसे कीले टीराल तिनताये टीनोये...गोंडी गीत
ग्राम-मेहेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीला उसेंडी गोंडी भाषा में एक गीत सुना रही हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे ला रे रेला-
पोसे कीले टीराल तिनताये टीनोये-
दादान बाटा अगे वाता मनताये मनो-
तमोन बाटा कोड़ायार वाता मनताये मनोये-
तमोन बाटा कोड़ायार वाता अंग्रेजी वडाकायता-
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लो रे रे ला-
ओरा बोरा मरमा येलो मरमा रोय येलो...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG GONDI KANKER NEELA USENDI SONG
पुनरपि जन्म पुनरपि मरणम, ये काया विनाशनम...जीवन कथा
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक हकीकत कथा सुना रहे हैं: पुनरपि जन्म पुनरपि मरणम, ये काया विनाशनम: जैसे सृष्टि में चार ऋतु होते हैं शरद, बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, ठीक उसी प्रकार जीवों की भी चार अवस्था होती है, बचपन, लड़कपन, जवानी, बुढ़ापा, लेकिन ये चक्र तब तक चलती है जब तक सृष्टि है.मनुष्य और जीव जंतु की आयु सीमा समाप्त हो जाती है और वह एक दिन मृत्यु को प्राप्त हो जाती है यहां जो भी जीव आता है ये शरीर छोड़कर जीवात्मा उड़ जाता है| जितना दिन भटकने का रहता है उतना दिन भटकने के बाद पुनः इस धरती में जन्म लेता है और कर्म के अनुसार दुःख-सुख को काटने के बाद पुनः उन्ही चार अवस्था में वापस हो जाता है...
कन्हैयालाल पडियारी@9981622548.
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
पहले हम लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे लेकिन अब सरकारी खाद का उपयोग करते है (गोंडी)...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां अमर मरावी गाँव के किसान पांडूराम कतलामी से वहां की धान की खेती के बारे में गोंडी भाषा में बात कर रहे है कि धान को कैसे लगाते है और कौन सा खाद का उपयोग करते है और कौन सा खाद का उपयोग नहीं करते है वे बता रहे है कि पहले के ज़माने में हम लोग गोबर खाद का उपयोग करते थे और उससे धान भी अच्छा होता था लेकिन अब सब लोग सरकारी या रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे है तब से हम लोग भी रासायनिक खाद का उपयोग करने लगे है लेकिन यह नुकसानदायक है |पहले लोग 80-90 के उम्र में भी तंदरुस्त होते थे पर अब 60-70 में ही मृत्यु हो जाती है
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANKER PANDURAM KATLAMI
कौन पारा बुले जाय कौन पारा दिन ला गंवाए...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया गीत सुना रहे हैं :
बिना झोले नई जाओं, बिना झोले नई जाओं रे-
तोर ले तोर दीदी रिझवारे-
कोन पारा बुले जाय कोन पारा दिन ला गंवाए-
कोन पारा अरीछा-मरीछा कोन पारा खाए बीरा पान ला...
Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURGUJA SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गांधी आज हम सभी को सर्दी जुकाम या नजला का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि 250 ग्राम दूध, 1 चम्मच हल्दी का चूर्ण, 50 ग्राम गुड़, 12 नग तुलसी पत्ती, 6 नग काली मिर्च ये सब को पीसकर चूर्ण बना ले, 1 पाव दूध में इसे उबाले और उबाल कर इसको गुनगुना रहते हुए रात में सोने के पहले सेवन करे, इससे सर्दी, जुकाम, नजला हल्का बुखार आदि में लाभ होता हैं| ठंडी चीजों के सेवन से बचे तथा नशा न करें | इस तरह हम अपने आस पास पाए जाने वाले वनस्पतियों की मदद से स्वस्थ रह सकते हैं यदि हम उनके गुणों के बारे में जाने और इस तरह पैसे की भी बचत कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क नम्बर @9111061399
