ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई...सरगुजिया गीत
ग्राम-धुमाडाड, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक सरगुजिहा गीत सुना रहे है:
ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई-
ओहरे ये ये एक जंत्री देखलू रे भाई-
आवल आंधा घाटा बिजुल चमकाई जटा-
बरसत बूंद पानी जीवा पर जाई-
ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG PRATAPPUR RUPLAL MARAVI SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
बाति मारा ता डेरा रा लिंगो बाबाडा, बाति मारा ते डेरा...गोंडी धर्म गीत
ग्राम-ओढ़े, पंचायत+पोस्ट-आमाबेडा, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुमारी कोरेटी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
रे रे रे लोयों तो रे रे रे रेला,रे रे रे लोयों तो रे रे रे रेला-
बाति मारा ता डेरा रा लिंगो बाबाडा, बाति मारा ते डेरा-
वेलेक माडा ते डेरा रा हेड लिंगो बाबाडा, वेलेक माडा ते डेरा रा-
बाति मारा ता डेरा रा बुढा मुढिया बाति मारा ता डेरा रा हेड बुढा-
मुढिया मादी माडा ते डेरा रा...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: ANTAGARH CG GONDI KANKER KUMARI KORETI RELIGIOUS SONG
हमे भाषा सीखने के लिए कोई स्कूल की जरुरत नहीं होती, आपस में मित्रता बनाकर सीख सकते हैं...
ग्राम-ओरछा, पंचायत-इरपानार, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव के साथी प्रभु पद्दा जुड़े है, वे भाषाओ पर आपस में चर्चा कर रहे हैं प्रभु पद्दा गोंडी में बता रहे हैं कि चार भाषा जानते हैं प्रभु पद्दा किसी बंगला स्कूल में नहीं पढ़े हैं, गोरमेन्ट स्कूल में बंगाली के बच्चे आते थे|उन लोगों के साथ मित्रता बनाकर बंगाली भाषा सीखा हैं,और प्रभु पद्दा एक ही व्यक्ति था माडिया जाति से बाकि पूरे गोरमेन्ट स्कूल में बंगाली और छत्तीसगढ़िया लोग पढ़ते थे |प्रभु पद्दा ने वहीँ से बंगाली भाषा, छत्तीसगढ़िया भाषा, हिंदी भाषा सीखा हैं | तब से वे चार भाषा जानते हैं,इस प्रकार हमे भाषा सीखने के लिए किसी स्कूल की जरुरत नहीं होती है, आपस में मित्रता बनाने से भी सीख सकते है|
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOELIBEDA MOHAN YADAV
20 साल से सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर बेचते हैं...
ग्राम-मुरावन्डी, तहसील-पखांजुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर से भगवत राम कुंजाम सीजीनेट स्वर जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के राजू राणा को बता रहे हैं कि उनके गाँव में एक तालाब है, जहां वे लोग लगभग 20 साल से परम्परा के अनुसार सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, इसके अलावा गाँव के सभी लोगों का नहाना, कपड़े साफ करना, पशुओं को पानी पिलाना आदि कार्य भी वहां होते हैं, वर्तमान में वे 12 किलोग्राम मछलियों का बीज तालाब में डाले हैं, ये अनुमान नही है कि उनसे कितना वृद्धि होगी ये लोग मछलियों को बाजार में बेचते नहीं है, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर निश्चित भाव लगाकर उन्हें ही दिया जाता है|पड़ोसी गाँव वाले मांगने पर उनको भी मछली देते हैं...
Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG FISHRIES KANKER PAKHANJUR RAJU RANA SONG VICTIMS REGISTER
जाति बातिर पेकोर येलो जाति बाति येलो पेकोरे...गोंडी गीत
ग्राम-माचपल्ली, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से हेमगाय गावड़े और राधा कचलाम एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रेला रेला रे रे लोयो रेला रे रे ला-
जाति बातीर पेकोर येलो जाति बाति-
येलो पेकोरे-
अडका काया चिलोर चलोर-
रेला काया सोबाय काया रे रेला-
जाति बातिर पेकोर येलो जाति बाति-
येलो पेकोरे...
