सबसे बुरा होता है बेचारा बन जाना...
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम. भाई एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
गरीब होना बुरी बात नहीं है-
फटेहाल में रहना बुरी बात नहीं है-
सूखी रोटी खाना बुरी बात नहीं है-
सबसे बुरा है हाथ जोड़ कर बेचारा बन जाना-
अमीरों की अय्यासी बुरी बात नहीं है-
कूड़े के ढेर में भोजन का सड़ना बुरी बात नहीं है-
मुनाफाखोरी की लूट बुरी बात नहीं है-
सबसे बुरा है सर झुकाकर बेचारा बन जाना-
शासन की नाफ़रमानी बुरी बात नहीं है-
नौकरशाहों का भ्रष्टाचारी होना बुरी बात नहीं है-
लोकतंत्र में कालाबाजारी होना बुरी बात नहीं है-
सबसे बुरा है मुंह बंद कर बेचारा बन जाना-
सबसे बुरा होता है...
Posted on: Mar 11, 2015. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
जीत ले सारा जहाँ...अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कविता
कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई एक कविता सुना रहे है, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऊपर आधारित हैं:
उठो सबेरा पूछ रहा हैं,उठो सबेरा पूछ रहा हैं-
कहाँ मंजिल हैं,तुम्हारी,फूल खिल रहे हैं-
आसमान साफ हैं,दुनिया को तेरा इन्तजार हैं-
उठो सबेरा पूछ रहा हैं...
एक लो उमंग की तू जला जरा-
उगते सूरज से तू नजर मिला जरा-
थाम मंजिल की डोर तू चल तू उड़-
जीत ले सारा जहाँ,तू उड़-
और जीत ले सारा जहाँ...
Posted on: Mar 08, 2015. Tags: KM Bhai SONG VICTIMS REGISTER
तूम तोड़ो तुम बाटो तुम रोको...कविता-
जिला-कानपूर उत्तरप्रदेश से के एम् भाई कविता एक सुना रहे है:
तूम तोड़ो तुम बाटो तुम रोको-
हम जोड़ेगे हम फिर खड़े होंगे-
हम फिर चलेंगे नारे भी लगेंगे झंडे भी गड़ेंगे-
नारे भी लगेंगे झंडे भी लहरायेंगे-
अपने अधिकारों के लिए-
हम फिर आवाज उठायेंगे...(184402)
