पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों से 2015 में गांव छोड़कर आये...

मुंगरी वड्डे पति सोमारू वड्डे ग्राम-कुड्मेर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है गांव में नक्सलियों ने बहुत परेशान करते थे| इसलिए पुराना गांव 2015 में छोड़कर डर से गुडरीपारा में रह रहे है| सरकार के तरफ से उन्हें पुलिस का नौकरी मिला हैं| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9424172328.

Posted on: Aug 05, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM MUNGARI WADDE NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : 15 साल तक नक्सलियों के साथ काम किये फिर आत्मसमपर्ण किये...

जुंगाराम पोटाई, पिता चमरूराम पोटाई ग्राम-झिरमभट्टी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं 15 साल तक नक्सलियों के साथ काम किये| परेशानी के वजह से वे आत्मसमपर्ण किये| और गुडरीपारा नारायणपुर में सरकार जमीन दी है वहीं रह रहे है| आत्मसमपर्ण के बाद सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि नही मिली हैं अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9406154116.

Posted on: Aug 05, 2021. Tags: CG DISPLACED JUGARAM POTAI MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SURRENDER VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : राशन सहकारी समिति का संचालन ठीक से ना करने पे पीटा, गाँव से भगाया

अपने गाँव मेटानार तहसील ओरछा जिला नारायणपुर के सरपंच रहे गिंजरूराम उसेंडी बताते हैं कि राशन सहकारी समिति के अन्य सदस्यों द्वारा समिति का कार्यवहन सही तरीके से ना होने पे गॉंववालों ने उनकी शिकायत नक्सलियों से की। इसके पश्चात नक्सलियों ने मीटिंग बुला कर उन्हें पीटा और धमकी दी की अगर गाँव छोड़ कर नहीं भागे तो मार दिए जाएंगे। तब से वे अपने परिवार के साथ इमलीपदेर, नारायणपुर में रहते हैं और रोजी मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। गाँव के सरपंच रहने के बावजूद उन्हें सरकार से ना कोई सहायता राशि मिली है ना ही कोई जमीन। वे कहते हैं एफआईआर दर्ज तो हुई थी लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रमाण के लिए कोई कागज नहीं दिया है। संपर्क नंबर@7587792891.

Posted on: Aug 03, 2021. Tags: CG DISPLACED GINJARURAM USENDI MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : अपने बेटों को नक्सलियों के साथ भेजने से मना करने पर मुखबीर बता कर मारा, डर से 13

रामसिंघ यादव, ग्राम मुरनार ब्लॉक कोयलीबेड़ा जिला नारायणपुर, बताते हैं कि उन्हें अपने परिवार के साथ 2008 में अपनी जान बचा कर घर छोड़ के भागना पड़ा था। वे कहते हैं उनके 2 बेटे हैं, जिन्हें नक्सली ज़बरदस्ती अपने साथ ले कर जाते थे। एक दिन उन्होंने अपने बेटों की जान की चिंता में उन्हें नक्सलियों के साथ भेजने से मना कर दिया। इस पर नक्सलियों ने एक मीटिंग बुला के उनपे कोयलीबेड़ा जा कर मुखबिरी करने का आरोप लगाया। उन्हें पीटा और धमकी दी कि अगर अपने परिवार के साथ घर छोड़ के नहीं भागे तो जान से मार दिए जाएंगे। इसके बाद एक बार फिर जंगल के काफी अंदर मीटिंग रखी गई और उन्हें बुलाया गया। वे बताते हैं कि उन्हे संदेह हुआ कि ये उन्हें मारने कि साज़िश है, इस कारण से वे अपने परिवार के साथ घर छोड़ कर शांतिनगर आ गए। वे कहते हैं कि उनके गाँव में उनकी 5 एकड़ पट्टे वाली जमीन के साथ 26 गायें, 19 भैंसें व बकरियाँ भी थीं। लेकिन वे वह सब कुछ छोड़, शांतिनगर में भूमिहीन रूप से मजदूरी कर के गुजारा करने को मजबूर हैं। वे कहते हैं उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है व सरकार से रु. 15,000 सहायता राशि मिली है, किन्तु पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिल है। फो. नं. 9407629521

Posted on: Aug 02, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR RASINGH YADAV VICTIMS REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर : काम न करने का आरोप लगा कर नक्सलियों ने पीटा, जान से मारने की धमकी दी...

वीरसाय पोटाई, जिनका पैतृक गाँव चिनारी, पोस्ट दंडवान, जिला नारायणपुर है, 2015 में नक्सली हिंसा के कारण अपने गाँव से विस्थापित होने के पश्चात नारायणपुर में सपरिवार रहते हैं।
वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन में 5 वर्ष तक माओवादियों के साथ काम किया। फिर लौटने के बाद वे वापस नक्सलियों के साथ नहीं गए किन्तु घर से ही उनके लिए चावल इकठ्ठा करने जैसे काम करते रहे। उन्होंने फाइनेंस करा के ऋण में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसमे डीजल भराने वे अपने गांव से नारायणपुर जाया करते थे। इसी कारण से उनपे नक्सलियों ने शक किया की वे पुलिस को मुखबिरी करते हैं। इसी संदेह के आधार पे उन्हें नक्सली जन अदालत में ले गए, जहाँ उनके 2 अन्य साथियों की मुखबिर बता कर के हत्या कर दी गई। उनपे आरोप लगाया गया की वे नक्सलियों के साथ अब काम नहीं करना चाहते और दण्डस्वरूप उन्हें मारा पीटा गया। इसके बाद पुलिस उन्हें नारायणपुर ले कर आयी।
वे बताते हैं कि उनके पैतृक गाँव में उनके पास 22 एकड़ जमीन व मवेशी इत्यादि थे। जिस कंपनी से उन्होंने अपना ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया था, उसने किश्त न पटने के कारण उनका ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया है। नारायणपुर में उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिली।
मदद की गुहार लगाने पे एसपी ने उन्हें नौकरी का लालच दे कर नक्सलियों से मुठभेड़ कर उन्हें मार गिराने कहा। अपनी जान की परवाह करते हुए उन्होंने मुठभेड़ करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अपने गाँव वापस जाने को कहा। लेकिन उन्हें डर था कि नक्सली उन्हें मार डालेंगे जिसके उपरान्त वे 2015 से अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ नारायणपुर में ही बनी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
इनका एफआईआर दर्ज हो चुका है, लेकिन पिछले 5 साल से वे अपने गाँव नहीं लौट पाए हैं। सरकार की पुनर्वास योजना के लाभ की अपेक्षा में हैं। संपर्क नंबर@9301409699.

Posted on: Aug 01, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER VIRSAY POTAI

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