आगें से देख पीछें से देख...भोजपुरी गीत-
सेक्टर सी राजनगर, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से मारकंडे सिंह एक भोजपुरी गीत सुना रहें है:
आगें से देख पीछें से देख-
लड़के ना आई ना माल गाड़ी-
दोनों हार्न दबा के देख ताने-
पराई वेट हवत सरकार हा-
नया नया बा माडल एकरा-
आगें से देख पीछें से देख...(183571) GT
Posted on: Jan 07, 2021. Tags: BHOJPURI SONG SONG VICTIMS REGISTER
राम जी से पूछाँय जनकपुर की नारी...भजन गीत-
ग्राम-मनापति, जिला-मधुवनी (बिहार)से दीपक कुमार भोजपुरी भजन गीत सुना रहे है:
राम जी से पूछाँय जनकपुर की नारी-
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी-
तोहरा से पुछू मैं औ धनुषधानी-
एक भाई गोर काहे एक काहे कारी-
इ बुढा बाबा के पकक्ल पकक्ल दाढ़ी-
राम जी से पूछाँय जनकपुर की नारी
देखन पातर खाए भरे थाली...(183297) GT
Posted on: Jan 04, 2021. Tags: BHOJPURI SONG SONG VICTIMS REGISTER
भवरवा के तोहरा संग जाई, के तोहरा संग जाई...भोजपुरी गीत-
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर विकासखण्ड-प्रतापपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल भोजपुरी भाषा में एक लोकगीत सुना रहे हैं :
भवरवा के तोहरा संग जाई, के तोहरा संग जाई-
जाई के बेरिया केहू ना जाने, आई के बेरिया सब केहू जाने-
दुवारा पे बाजे ला बधाई, के तोहरा संग जाई-
हंस अकेला उडी जाई भवरवा, के तोहरा संग जाई-
भवरवा के तोहरा संग जाई...
Posted on: Sep 12, 2018. Tags: BHOJPURI CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मन मगन भक्ति में, अइसन सारा बंधन तोड़ के...भोजपुरी भक्ति गीत-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से पूजा कुमारी भोजपुरी में एक भक्ति गीत सुना रही हैं :
मन मगन भक्ति में अइसन सारा बंधन तोड़ के-
हो अज नैकी बहुरिया नाचे हाय ललकी चुनरिया ओढ़ के-
संगही में नाचे तारो ससुर भसुर हो-
छोटका देवरवा के चढ़ गईली सुर हो-
कहे झुमा आ के बहनी हमार, ऐहो चाची हो जा तैयार...
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: BHOJPURI BIHAR MUZAFFARPUR PUJA KUMARI SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
डोली लेके अईले सजनवा ,हो मोरा होला गवनवा...भोजपुरी गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक निर्गुण गीत भोजपुरी भाषा में सुना रहे है:
डोली लेके अईले सजनवा, हो मोरा होला गवनवा-
सखिया करावेली सगुनवाँ मोरा होला गवनवा-
हरियर बाँस के बनलबा खटोला-
मिलल दहेज में लाल रंग चोला उजर -उजर मोर चनवां-
मोर होला गवनवाँ बभना के पुतवा मंतर बांचे-
बेर-बेर छिड़के-चाउर काँचे गम -गम गमके अँगनवां-
हो मोरा होला गवनवाँ संगी साथी देखन आवे-
न भर खातिर घुँघटा हटावे भरी-भरी आवे नयनवां...


