क्या आयेगा गाँधी दोबारा,क्या आयेगा गाँधी दोबारा...गाँधी जयंती पर कविता
जिला-कानपुर (उ.प्र.) से KM भाई गाँधी जयंती के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं:
क्या आयेगा गाँधी दोबारा,क्या आयेगा गाँधी दोबारा-
पूछती हैं गलियां पूछते हैं गाँव चोबारा-
पूछती हैं नदियाँ पूछती हैं लोकतंत्र हमारा-
क्या आयेगा गाँधी दोबारा-
पुकारती हैं पुकारती हैं निर्भया-
पुकारता हैं कालाहांडी का सबेरा-
क्या आयेगा गाँधी दोबारा...
Posted on: Oct 02, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
Village of Bhil adivasis have no handpump, no road, Please call officers...
Reshiya bhai is visiting Valvai village in Dabdi panchayat in Sondva tahsil of Alirajpur district in Madhya Pradesh. He is talking to Nathu bhai who tell him that they dont have road to their village and sick needs to be carried on cot as no vehicle can come to village. They don’t have any hand pump and more than 100 of them adivaisis are drinking dirty water from pond. He is requesting us to call Collector@9425188061 to help suffering adivasis. Reshiya bhai@8120659070
Posted on: Sep 30, 2016. Tags: HANDPUMP RESHIYA BHAI ROAD SONG VICTIMS REGISTER WATER
शहीद भगत सिंह की याद में...भगत सिंह जन्म दिवस पर कविता
जिला-कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई आज भगत सिंह के 109 वी जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं:
न आंसू हैं न है ख़ुशी-
न जश्न है न शोक-
हर लफ्ज़-
आज है खामोश-
इन्कलाब का-
वो चेहरा-
आज बन गया-
है एक कोष-
न रंग है न है जोश-
न फ़िक्र है न रोष-
वतन का-
वो मतवाला-
आज हो-
गया है बेहोश-
न तप है न तपिश-
न शौर्य है न कशिश-
आजाद –बिस्मिल का-
वो सरफ़रोश-
आज हो-
गया है एक पोज़-
न गुलामी है न है ब्रिटिश-
न रंज है न है सितम-
पंजाब का-
वो भगत-
आज बन गया है-
यादों का एक कोष-
यादों का एक कोष...
Posted on: Sep 28, 2016. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
समाजवाद का खेल...कविता
कानपुर उत्तरप्रदेश से के एम भाई एक कविता सुना रहे हैं:
कभी चाचा फेल हैं तो-
कभी बऊआ फेल है-
नेताजी की क्लास में-
परिवारवाद का फेम है-
कोई गाय मांगे तो-
कोई भैंस का फैन है-
कुर्सी की लड़ाई में-
आज परिवार केंद्र है-
न विकास न सुधार-
यहाँ कोई तीसरा गेंद है-
सत्ता के मैदान में-
यह सब भईया-
समाजवाद का खेल है-
समाजवाद का खेल है...
Posted on: Sep 19, 2016. Tags: KM Bhai
आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा...आरक्षण पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के. एम.भाई मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर छिड़ी बहस के संदर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं :
आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा-
जाति बदले या ना बदले, क्रांति रंग लाए या ना लाए-
पर आरक्षण का फूल जरूर खिलेगा-
फलेगा-फूलेगा और बिकेगा, हर बाजार हर कारोबार में-
रोटी मिले या ना मिले, गरीबी मिटे या ना मिटे-
पर आरक्षण का तेल मुक्त मिलेगा, हर काल और हर दौर में-
भुखमरी के हालात बदले या ना बदले-
विकास का पहिया चले या ना चले-
पर आरक्षण की गाडी जरूर दौड़ेगी, हर गली हर नुक्कड़ पे-
अम्बेडकर तू याद आए या ना आए-
लोकतंत्र बचे या ना बचे
पर आरक्षण का भूत जिंदा है और जिंदा रहेगा...
