शहीद भगत सिंह की याद में...भगत सिंह जन्म दिवस पर कविता
जिला-कानपुर (उ.प्र.) से के एम भाई आज भगत सिंह के 109 वी जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे हैं:
न आंसू हैं न है ख़ुशी-
न जश्न है न शोक-
हर लफ्ज़-
आज है खामोश-
इन्कलाब का-
वो चेहरा-
आज बन गया-
है एक कोष-
न रंग है न है जोश-
न फ़िक्र है न रोष-
वतन का-
वो मतवाला-
आज हो-
गया है बेहोश-
न तप है न तपिश-
न शौर्य है न कशिश-
आजाद –बिस्मिल का-
वो सरफ़रोश-
आज हो-
गया है एक पोज़-
न गुलामी है न है ब्रिटिश-
न रंज है न है सितम-
पंजाब का-
वो भगत-
आज बन गया है-
यादों का एक कोष-
यादों का एक कोष...
