हिटारकसा गांव और दंतकथा गाँव की कहानी...

ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बता रही हैं कि उनके गांव का नाम हिटारकसा कैसे पड़ा। वह चार पीढ़ी पहले की एक कहानी बताते हैं। उनके गांव से एक नदी जाती है और उसके पास एक कुंड था। धान की कटाई के समय महिलाएं उधर नहा रहीं थीं। नहाने के बाद उन्होंने देखा कि उन सभी की हसिया गायब हो गया था। गोंडी में हसिया को हिटार और कुंड को कसा बोलते हैं। इन दोनों शब्दों के मिलने से ही गांव का नाम हिटारकसा पड़ा।

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG KANKER STORY VEER SINGH

Narayanpur Bultoo (Bluetooth) Radio : 6 Mar 2021

श्रोताओ आप सीजीनेट पर सुन रहे हैं, नारायणपुर बुल्टू रेडियो जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं बाबूलाल नेटी और सुखदाई कचलम| इस कार्यक्रम में बस्तर की समस्याओं और गीतो को शामिल किया गया है| ये कार्यक्रम हिन्दी और गोंडी भाषा में प्रस्तुत किया गया है|
अपने गीत, संदेश को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: BULTOO RADIO NARAYANPUR

कहानी : बुद्धिमान किसान

सीजीनेट श्रोता नरेंद्र राय एक कहानी सुना रहे हैं, जिसका शीर्षक है “बुद्धिमान किसान”
अपना संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)

Posted on: Mar 04, 2021. Tags: MH NARENDRA RAI STORY

आमाझरन झरना की कहानी...

ग्राम-मुदे, थाना-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रेमलाल करतबिया अपने गांव कि पहाड़ी के बारे में बता रहे हैं, आमाझरन एक जगह है, यहां प्रकृतिक रूप से पानी बहता है और बड़े-बड़े आम फलते हैं| यहाँ बारह महीना पानी बहता रहता है| पहाड़ के निचे छुही का खदान है, जिससे घरों में पुताई होती है| इस मिट्टी को लेने दूर-दूर से लोग आतें हैं| पीले रंग की मिट्टी निकलती है| पहाड़ के ऊपर एक बहुत बड़ा मैदान है, गांव भी छोटा पड़ेगा इतना बड़ा मैदान है| इस मैदान में मनिहारी का पेड़ है जिससे फल और शुद्ध हवा मिलती है| आने जाने का रास्ता भी नहीं है, बहुत दिक्कत होती है| हरियाली और पोला के त्यौहार में गाँव के लोग वहाँ घुमने जाते हैं| सम्पर्क:- 6264476828(RM)

Posted on: Feb 28, 2021. Tags: CULTURAL STORY KANKER CG PREMLAL KRATBIYA

लोहातर सोनादाई कंडरा राजा की कहानी...

ग्राम-बांगाचार, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वेदबती छुरपाल अपने गाँव कि लोहातर सोनादाई के बारे में बता रही है, उनके गाँव में पूर्वजों के समय एक राजा कंडरा रहता था, राजा के पास घुडसवार, गाय, बकरी चराने वाले सैनिक रहते थे| बकरी चराने वाला रोज बकरी चराकर लाता था, एक दिन बकरी चराने वाला जंगल गया| बकरी चराते-चराते थक गया और एक पेड़ के नीचे जाकर बैठ गया| जिस पेड़ के नीचे वह बैठा था, वह सोने का पेड़ था| उसे पेड़ के पत्ते अच्छे लगे उसने सभी बकरियों के कान में पत्ते पहना दिए और शाम हो गयी, वो सभी बकरियों को राजा के पास ले गया और अपने घर चला गया| राजा ने देखा बकरियों के कान में पत्ते चमक रहे थे, राजा ने तुरंत बकरी चराने वाले को बुलावा भेजा| बकरी चराने वाला डरते हुए, राजा के पास आया| राजा ने पूछा कि आपने ये पत्ते बकरी के कान में क्यों पहनाये हैं| बकरी चराने वाला बोला राजा जी ये पत्ते मुझे अच्छे लगे तो मैंने पहना दिए, दुसरे दिन सुबह-सुबह घुडसवार तैयार किये और उस सोने के पेड़ की खोज में निकल गए| उस पेड़ तक पहुँचते पहुँचते शाम हो गयी और पेड़ जमीन के अंदर धसते गया, तो राजा ने उस पहाड़ को खोदने के बारे में सोचा और श्रमिक बुलाये पहाड़ को खोदना शुरू कर दिए| पहाड़ को खोदने पर पानी निकला, इताना पानी निकला की उस पहाड़ को जितने श्रमिक खोद रहे थे, सभी पानी में बह गए और साथ में राजा भी बह गया| बाहर रानी थी, वह भी बह गयी, सोने का पेड़ था| वो पेड़ अभी भी जीवित है, उस झरने में जब मछली या जीव जन्तु उस सोने से टकराते हैं तो सोना बहार आ जाता है और सोनझरिया लोग इसी सोना को खोजते हैं और बेचते हैं और अपना जीवन यापन करते हैं|(RM)

Posted on: Feb 28, 2021. Tags: CG CULTRAL STORY KANKER VEDBATI CHURPAL

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