हिटारकसा गांव और दंतकथा गाँव की कहानी...
ग्राम- हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बता रही हैं कि उनके गांव का नाम हिटारकसा कैसे पड़ा। वह चार पीढ़ी पहले की एक कहानी बताते हैं। उनके गांव से एक नदी जाती है और उसके पास एक कुंड था। धान की कटाई के समय महिलाएं उधर नहा रहीं थीं। नहाने के बाद उन्होंने देखा कि उन सभी की हसिया गायब हो गया था। गोंडी में हसिया को हिटार और कुंड को कसा बोलते हैं। इन दोनों शब्दों के मिलने से ही गांव का नाम हिटारकसा पड़ा।
