वनांचल स्व: त्योहारो पर वन की भूमिका...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) ग्राम पटेल सुन्दर नरेटी बताते हैं कि वो नयी फसल खाने से पहले देवी देवताओं को चावल, दूध और शक्कर से अच्छा पकवान बनाकर चढ़ातें हैं, फिर उसके बाद ही वो खाते हैं। साजा के पेड़ को अपना इष्टदेव मानकर उस पर महुआ चढातें हैं। सभी आदिवासी मिलकर पूजा अर्चना भी करते हैं, उसके बाद सभी आदिवासी उसको खातें हैं। हरियाली पर भेलवा का पत्ता खेत में चढातें हैं माना जाता है कि भेलवा बहुत उपकारी होता है। कहीं कहीं पर भेलवा कि जगह नीम चढ़ाया जाता है। आज से 30-35 वर्ष पहले जंगल से बांस लाकर उसकी गेड़ी बनाकर 2 किलोमीटर दूर तक जाकर खेलते थे। दीपावली पर खेत से ढाल लाकर घर के आंगन में सजाते हैं। वन से पत्ता लाकर उसकी माला बनाकर जानवरो को पहनाते थे।(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SUNDAR NARETI VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: आदिवासी गाँव कि आधुनिक सोच...

ग्राम-धनेली कन्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) समधर नरेटी कहतें है जल, जंगल हमारा है| त्यौहार, घर बनाने के लिए जरुरतमंद चीज़े जंगल से ही मिलती हैं| हम सभी जंगल से जुड़े हुए लोग हैं, जंगल से ही जीवन हैं| हमारे यहाँ 12 जातियां एक साथ रहती हैं, इसी से गाँव का निर्माण होता हैं| गाँव में हम सबको लेकर ही चलते हैं| जात पात कुछ नही होता है| सभी जातियों के लोग एक साथ रहेंगे, एक दुसरे की मदद करेंगे तभी गाँव सही से चल पाएगा|(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SAMDHAR NARETI VANANCHAL SWARA

वनांचल स्वर: वनों कि रक्षा में नौनिहालो का योगदान...

ग्राम-मोदे, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) संजय कुमार सोरी बता रहे हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में आए हुए 22-23 वर्ष हुए हैं, उस समय यहां सड़क, पूल और जरूरत के संसाधन नही थे। बच्चे कीचड़ पार करके विद्यालय आया करते थे। ये विद्यालय पहले 5वीं तक था, जिसकी वजह से बच्चो को 4-5 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता था। गांव वालों ने इस बात को समझ और अधिकारियों से बात करके विद्यालय बनाया गया। शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों को पर्यावरण को सुधारने के लिए समझाया जा सकता है। पहले पूर्वज वन को सुरक्षित रखते थे, अब ये जिम्मेदारी हम लोगों पर है और उनसे होते हुए नई पीढ़ी पर। पूर्वजो की वजह से ही वन-औसाधियाँ बची हुई हैं। बच्चे इन बातों को समझ रहें। समितियों की मदद से मिलने वाले बीजों को बच्चो से अवगत करवाया जा रहा है। हम बच्चों के साथ वृक्षारोपण अभियान भी चल रहें हैं।
संपर्क:- 9407602369(RM)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: CG KANKER SANJAY SORI VANANCHAL SWARA

खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें...कहानी

राजनन्दगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कहानी सुना रहे हैं-
एक बार गुरु नानक जी अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे, तो एक गाँव में रुके गाँव वालों ने उनका बड़ा अपमान किया, तो गुरु नानक जी ने कहा मिल के रहो| और दुसरे गाँव गये वहां उनका बड़ा सम्मान हुआ, तो गुरु नानक जी ने कहा बिखर जाओ| शिष्यों ने पूछा तो नानक जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया| कोई भी गंदा वस्तु फैलना नही चाहिए| इसलिए इकट्ठा रहने को बोला| अच्छे लोगों का फैलाव होना चाहिए, जिससे अपने साथ ओरों को भी ज्ञान दे सके| खुद खुश रहे हैं, और ओरों को खुश रखें| (181995) MS

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV

कब होई तोर दर्शन मइया...गीत-

राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक जस गीत सुना रही हैं:
कब होई तोर दर्शन मइया-
या हो आंखी मुंदाही-
दुआ उड़ाही-
आंखी मुंदाही दुआ उड़ाही-
तब होबे का परसन-
कब होइ तोर दर्शन मइया... (AR)

Posted on: Jan 02, 2021. Tags: JAS GEET SONG VICTIMS REGISTER

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