वनांचल स्वर: सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है ...
ग्राम- हाटकर्रा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला- उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवर सिंह पुजारी बीते सालों में वन संपदा में आने वाले बदलाव के बारे में बताते हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई नहीं हो रही है। अब गांव वालों को लकड़ी मिलना भी बंद हो गया है और सरकार बेहतर से बेहतर पेड़ जंगल में लगा रही है। सरकार सागौन और नीलगिरी जैसे पेड़ों को लगवा रही है। प्रशासन सड़क बनाने के लिए कुछ पेड़ों की कटाई कर रहा है।
Posted on: Feb 14, 2021. Tags: CG KANKER KUWANR SINGH VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: कोरोनकाल में जड़ी बूटी देकर की लोगों की मदद...
ग्राम-कराठी, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) वीरसिंह पड्डा बताते है की कोरोना महामारी में शहरों में उत्पन्न हुआ और लोगो में फैला। मैने सुबह शाम गिलोय, उषा और तुलसी पत्ती से जड़ी बूटी बनाकर पिया। मैने गांव के लोगो को मुफ्त गिलोय भी दिया। जंगल की हवा और पानी साफ है, शहर का प्रदूषित इस वजह से शहरों में ज्यादा फैला। गांव का हवा पानी जलवायु साफ है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगो कि प्रतिरक्षा शक्ति अच्छी है। हम लोगों ने जड़ी बूटियों का संभाल कर इस्तेमाल किया। कई जड़ी बूटियां विलुप्त होने के कगार पर भी हैं जिसको बचाना मेरे अकेले के लिए मुश्किल है। जो लोग शहर से आए थे उनको भी इन जड़ी बूटियों से फायदा हुआ।(RM)
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRSING PADDA
मी रे गा रे गा मा पा ध नी स...गीत-
(हरियाणा) से फ्रिंश गीत सुना रहे है:
मी रे गा रे गा मा पा ध नी स-
स रे धा पा मा पा गा मा-
पा मा गा रे नी रे जा-
नी दा पा मा पा-
गा मा पा मा गा रे सा...(184624)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: HINDI SONG VICTIMS REGISTER
हल चला के खेतो को मैंने ही सजाया रे...गीत-
जिला-पलामु (झारखंड)अंजनी कुमारी गीत सुना रही है:
हल चला के खेतो को मैंने ही सजाया रे-
क्यों सोऊ बुके पेट की मेरे लिए का मन ये-
गेंहू,चावल,धानो को मैंने ही उगाया रे-
ईट कोपा पकाया मैंने बंगला बनाया रे-
क्यों सोऊ बुके पेट की मेरे लिए का मन ये-
कपास को ऊगाया मैंने कपड़ा बनाया रे – क्यों सोऊ बुके पेट की मेरे लिए का मन ये...(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: HINDI SONG VICTIMS REGISTER
हारमोनियम की धुन में भजन...
ग्राम-दोतमा, ब्लॉक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चापा छत्तीसगढ़ से सम्पतलाल यादव् हारमोनियम की धुन में एक भजन गीत सुना रहे है :
