हमारे गांव में रोड की बहुत समस्या है, लोगों को आने जाने में बहुत परेशानी होती है, कृपया मदद करें-
ग्राम शाकायागु, पंचायत राशेमगुड़ेम,मंडल मूल्कानपल्ली जिला भद्राद्री कोठागुडेम तेलंगाना से भीमा राजू जी बता रहे हैं उनके गांव में रोड की समस्या है लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाता है पानी भर जाता है लोग चल नहीं पाते हैं गांव में 25 परिवार के लोग रहते हैं इसके लिए शिकायत किए हैं लेकिन आज तक रोड नहीं बना है चुनाव के समय सचिव सरपंच बनने से पहले गांव के ग्रामीणों को भरोसा दिलाते थे गांव में रोड बनवा देंगे करके इसके बाद अभी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं लगभग 3 किलोमीटर तक रोड नहीं बना है। इसलिए सीजीनेट साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं दिए गए नंबर पर बात करके गांव में रोड बनवाने की मदद करें। सरपंच@8501819566, संपर्क नंबर@7893857443.
Posted on: Sep 21, 2022. Tags: BHADRADI KOTTAGUDEM MULKANPALLI PROBLEM TG WATER
गांव घर में आंधे रात्रिकृष्ण दिन कर अंधियारे...येशु महसी गीत
प्रदीप एक्का, मनिंद्रगढ़ मध्यप्रदेश से एक महसी गीत सुना रहे हैं:
गांव घर में आंधे रात्रिकृष्ण दिन कर अंधियारे,
येशु महसी के वचन को हर कोनो कोने में फैला दूंगा,
एरिया में आंधे रात्रिकृष्ण दिन कर अधियारे, येशु महसी के वचन को हर कोनो कोने में फैला दूंगा...
Posted on: Sep 21, 2022. Tags: MANENDRAGARH MP SONG YESHU
बन से निकले हम कैसे निकले हम...हिंदी गीत
धनेश्वर यादव, ब्लाक बगीचा, जिला जशपुर छत्तिसगढ़ से एक गीत सुना रहे हैं :
साजे री साजे री यार से,
बन से निकले हम कैसे निकले हम,
सावन सा बरसे हम सूरज सा चमके हम,
बन से निकले हम कैसे निकले हम...
Posted on: Sep 21, 2022. Tags: BAGICHA CG HINDI JASHPUR SONG
IMPACT: सीजीनेट में संदेश रिकॉर्ड किए दो महीने के बाद उनका पेंशन मिलना चालू हो गया
रामलाल वर्मा, ग्राम पंचायत ननका, जिला रीवा मध्यप्रदेश से बता रहे हैं उनका पेंशन नहीं मिल रहा था। पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें बहुत दिक्कत होता था। फिर उन्होंने सीजीनेट में संदेश रिकॉर्ड किए दो महीने के बाद उनका पेंशन मिलना चालू हो गया। इसलिए सीजीनेट साथियों को और अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7470803285.
Posted on: Sep 21, 2022. Tags: IMPACT MP PENSION REWA
आप महजिद तोड़ते हो आप मडर से खत्म करते हो...कविता
के एम भाई, कानपुर उत्तर प्रदेश से एक कविता सुना रहे हैं:
आप महजिद तोड़ते हो आप मडर से खत्म करते हो
आप हमारे रतम रिवाजों को जिहात बोलते हो बेसक आप हमारे महजीद गिरा सकते हो लेकिन हमारे खुदा को नहीं गिरा सकते हो...
