आप महजिद तोड़ते हो आप मडर से खत्म करते हो...कविता

के एम भाई, कानपुर उत्तर प्रदेश से एक कविता सुना रहे हैं:
आप महजिद तोड़ते हो आप मडर से खत्म करते हो

आप हमारे रंग रूप को आतंकी बनाते हो
आप हमारे रतम रिवाजों को जिहात बोलते हो बेसक आप हमारे महजीद गिरा सकते हो लेकिन हमारे खुदा को नहीं गिरा सकते हो...

Posted on: Sep 21, 2022. Tags: BHAI KANPUR KM PEAM UP