सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती....विवाह के अवसर का स्वागत गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार स्थानीय बोली में एक विवाह गीत सुना रहे हैं, मिथिला के लोकाचारों में परम्परागत से राम और सीता के विवाह के सन्दर्भ में अब भी उत्सव के रूप में प्रचलित हैं:
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती-
खीर खाइ बेटा जन्मवलेन अवधपुरी के नारी-
जनकपुरी में लाए बाराती सखियां देवें गाली-
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती-
हाथी-घोड़ा आवे बाराती पालकी में दुल्हाचारी-
मिथिला नगर में मच गए हलचल उछले नर अव नारी-
सखि हे ! अवध नगरिया से आवता बाराती....

Posted on: Jan 11, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले...जागरूकता गीत

बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुनील कुमार सामुदायिक रेडियो के सन्दर्भ में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले-
मजदुर-किसनवां बोले छात्र नवजवनवां बोले-
सुन ले बलरामपुर के आपन रेडियो सब लोगवा बोले-
खेती के बतिया बोले विकास के कहानियां बोले-
ग्रामीण के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले-
बलरामपुर के आपन सावन रेडियो सब लोगवा बोले...

Posted on: Dec 16, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

सुना सुना हो भइया मोरे सावन रेडियो के हो...लोकतान्त्रिक रेडियो पर गीत

बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुनील कुमार जिले में चल रहे सामुदायिक रेडियो के प्रयोग पर आधारित एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
वैकल्पिक मीडिया है मोबाइल मीडिया-
सुना सुन ला हो भइया मोरे सामुदायिक रेडियो-
लोकतांत्रिक मीडिया है मोबाइल मीडिया-
आपन भाषा आपन बोली आपन मीडिया हो-
सुना सुना हो भइया मोरे सावन रेडियो के हो-
लोकतांत्रिक मीडिया के मालिक सब लोग-
सुना सुना हो भइया मोरे सावन रेडियो के हो...

Posted on: Dec 11, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

कजर मुहि पा यो डिव वा ले दादा...गोंडी गोटुल गीत

ग्राम-तारगुड़ा, पंचायत-कोहका, तहसील-एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से सुनील सलाम गोटुल में नृत्य कर रहे युवक-युवतियों द्वारा गाए जा रहे गोंडी गीत की रिकार्डिंग कर रहे हैं:
कजर मुहि पा यो डिव वा ले दादा-
कंज गली वातो डिव वा ले दादा...

Posted on: Dec 06, 2015. Tags: SUNIL SALAM

हमरो बलमुआ किसान हो...बिहार से किसान गीत

ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक लोकगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हमरो बलमुआ किसान हो-
दफली-दरतिया को दरिया चलावे-
खेतवा को तामि-तामि सोना उपजावे-
लह-लह करे गेंहू-धान सजना-
हमरो बलमुआ किसान-
पकली रे गेंहुआ के पूजे लगावे-
धनवा के बोझवा हमसे पिटवावे-
धनवा से भरे खलिहान-
हमरो बलमुआ किसान...

Posted on: Dec 04, 2015. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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